सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त सख्त।
आधार सीडिंग, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और बाल संरक्षण गतिविधियों में तेजी लाने के दिए निर्देश।

पाकुड़। उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा कोषांग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई, पाकुड़ के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया गया। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी लाभुकों की आधार सीडिंग में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने को कहा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुचारु रूप से लाभुकों तक पहुंचाने के लिए आधार सीडिंग अत्यंत आवश्यक है।

मोबाइल नंबर सीडिंग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विभिन्न पेंशन योजनाओं के शेष 89 लाभुकों का मोबाइल नंबर सीडिंग कार्य अविलंब पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाभुकों तक योजनाओं की सूचना एवं सेवाएं समय पर पहुंचाने के लिए मोबाइल नंबर का अद्यतन होना जरूरी है।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित केंद्र प्रायोजित योजनाओं के 4,997 लाभुकों का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट कार्य 31 जुलाई 2026 तक पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। इसके लिए सभी प्रखंडों एवं जिला स्तर पर प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को विशेष शिविर आयोजित करने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक विज्ञापन प्रकाशित कराने का निर्देश दिया गया।
मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि योजना के अंतर्गत पूर्ण किए गए सत्यापन कार्यों का प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी तथा जिला स्तर पर नामित जिला स्तरीय पदाधिकारी स्वयं सत्यापन करेंगे। इससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।

जिला बाल संरक्षण इकाई की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय का संचालन वर्तमान कार्यालय से पूर्ववत जारी रखने का निर्देश दिया। साथ ही जिले में संप्रेषण गृह (ऑब्जर्वेशन होम) की स्थापना हेतु भूमि चिन्हित करने के लिए अंचलाधिकारी, पाकुड़ को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर अनुमोदन समिति की बैठक शीघ्र आयोजित कराने, बाल देखभाल संस्थानों के निबंधन नवीनीकरण हेतु टीम गठित करने तथा संबंधित प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
उपायुक्त ने बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने पर बल देते हुए जिला बाल संरक्षण समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं नवनियुक्त चौकीदारों के लिए बाल विवाह रोकथाम, बाल अधिकार संरक्षण एवं अन्य बाल संरक्षण विषयों पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित करने को कहा, ताकि बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक के अंत में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण से संबंधित योजनाएं समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें।




