साहिबगंज व राजमहल में मासिक सह विशेष लोक अदालत का सफल आयोजन, 13 मामलों का हुआ त्वरित निस्तारण।
आपसी सुलह से ₹1.50 लाख की समझौता राशि पर बनी सहमति, डीएलएसए सचिव ने अधिक से अधिक लोगों से लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की।

साहिबगंज। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में शनिवार को व्यवहार न्यायालय, साहिबगंज एवं अनुमंडलीय न्यायालय, राजमहल में मासिक सह विशेष लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह, समझौते और सहमति के आधार पर त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण किया गया।
लोक अदालत के दौरान कुल 13 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। इसके साथ ही पक्षकारों के बीच ₹1,50,000 की समझौता राशि पर सहमति बनी। इससे संबंधित पक्षों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली तथा समय, धन और श्रम की भी उल्लेखनीय बचत हुई।
कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। सभी के समन्वित प्रयास से मामलों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सका। लोक अदालत में पहुंचे पक्षकारों ने भी इस व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे सरल, सुलभ, कम खर्चीला और त्वरित न्याय का प्रभावी माध्यम बताया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज के सचिव विश्वनाथ भगत ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जिन मामलों का समाधान आपसी सुलह एवं समझौते से संभव है, उन्हें लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित कराने के लिए अधिक से अधिक लोग आगे आएं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों के विरुद्ध सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे पक्षकारों को शीघ्र, सरल और कम खर्च में न्याय प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत केवल न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने का माध्यम ही नहीं है, बल्कि यह समाज में आपसी विश्वास, सौहार्द और सामंजस्य को भी मजबूत बनाती है। इसलिए नागरिकों को इस वैकल्पिक न्याय व्यवस्था का अधिकाधिक लाभ उठाकर अपने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करना चाहिए।



