साहिबगंज में 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान का शुभारंभ, जागरूकता रैली से हुआ आगाज।
निःशुल्क न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने और आमजन को अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने का संकल्प, 23 जुलाई 2026 तक चलेगा अभियान।

साहिबगंज। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में मंगलवार को 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क एवं सुलभ न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना तथा लोगों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।
अभियान के शुभारंभ के अवसर पर एक भव्य जागरूकता रैली सह प्रभात फेरी निकाली गई, जिसका नेतृत्व स्वयं अखिल कुमार ने किया। रैली में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, पारा लीगल वॉलंटियर, न्याय मित्रों एवं न्यायालय कर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम गुलाम हैदर, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिंधु नाथ लमाये, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार विश्वनाथ भगत, सिविल जज अनूप मरांडी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी तुषार आनंद, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी रिचेस, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में बैनर और स्लोगन लेकर आमजन को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया, जिनमें शामिल हैं निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल अधिकार, वृद्धजनों के अधिकार, साइबर अपराध से बचाव, नशा मुक्ति, बाल विवाह निषेध, घरेलू हिंसा से संरक्षण, रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए लोगों को विधिक सशक्तिकरण का संदेश देती रही।
यह विशेष अभियान 23 जुलाई 2026 तक तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। इसकी कार्ययोजना “जागरूकता, पहचान एवं सहायता” के तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है।अभियान के अंतर्गत गांव-गांव एवं शहरों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, डोर-टू-डोर संपर्क अभियान, विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर, स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक एवं प्रदर्शनी, मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रचार-प्रसार।
अभियान के दौरान विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जनजातियों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को चिन्हित कर उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाएगी।

साथ ही जेलों, बाल सुधार गृहों एवं अन्य संस्थानों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित कर बंदियों को उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी और आवश्यकतानुसार त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर गांव और पंचायत तक पहुंच बनाकर लोगों की विधिक समस्याओं की पहचान की जाए और उनका शीघ्र समाधान किया जाए। इस अभियान में पारा लीगल वॉलंटियर, पैनल अधिवक्ता और विधिक सेवा संस्थानों की सक्रिय भूमिका रहेगी।
यह 90 दिवसीय अभियान न केवल लोगों को कानून की जानकारी देगा, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग और आत्मनिर्भर भी बनाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने आमजन से अपील की है कि वे इस अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं और निःशुल्क विधिक सेवाओं का उपयोग कर अपने मामलों का समाधान करें।
यह पहल समाज में न्याय की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और “सबके लिए न्याय” के संकल्प को साकार करने में सहायक बनेगी।




