बाल अधिकारों की सुरक्षा को नई मजबूती: बरहेट थाना में ‘बाल मित्र थाना’ पहल पर अहम बैठक।
पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर, बच्चों के लिए संवेदनशील एवं सुरक्षित माहौल बनाने की साझा प्रतिबद्धता।

बरहेट साहिबगंज। जिले में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं संरक्षण व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, साहिबगंज के नेतृत्व में संरक्षण पदाधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख) एवं परियोजना समन्वयक, चाइल्ड हेल्पलाइन, साहिबगंज ने बरहेट थाना प्रभारी से औपचारिक मुलाकात कर ‘बाल मित्र थाना’ की अवधारणा तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
बैठक के दौरान थाना प्रभारी को बाल मित्र थाना की संरचना, उद्देश्य, कार्यप्रणाली एवं जिम्मेदारियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए ऐसा सुरक्षित, संवेदनशील, विश्वासपूर्ण एवं बाल-अनुकूल वातावरण विकसित करना है, जहाँ संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों, अपराध से प्रभावित बच्चों तथा विधि से संघर्षरत किशोरों से जुड़े मामलों का निपटारा पूरी संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और बाल हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जा सके।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि बच्चों से जुड़े मामलों के त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित समाधान के लिए पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए। साथ ही किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा अन्य प्रासंगिक बाल संरक्षण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए साझा रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

अधिकारियों ने कहा कि बाल मित्र थाना की अवधारणा केवल कानूनी प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बच्चों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना, उन्हें भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना तथा उनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। इससे जरूरतमंद बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इस अवसर पर बरहेट थाना प्रभारी ने बाल संरक्षण से जुड़े प्रत्येक मामले में जिला प्रशासन एवं जिला बाल संरक्षण इकाई को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा।
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके सुरक्षित भविष्य तथा जिले में बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘बाल मित्र थाना’ की यह पहल जिले में बाल सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ बच्चों के हितों की रक्षा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम साबित होगी।




