बरहेट के आवासीय एवं कस्तूरबा विद्यालयों में किशोरियों को किया गया जागरूक, सरकारी योजनाओं, बाल अधिकार और महिला सुरक्षा की दी गई विस्तृत जानकारी।
सर्वांगीण सशक्तिकरण की दिशा में जिला समाज कल्याण विभाग का विशेष अभियान, छात्राओं को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का दिया गया संदेश।

बरहेट साहिबगंज। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (डीएसडब्ल्यूओ) के मार्गदर्शन में शनिवार को बरहेट स्थित राजकीय अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिका विद्यालय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में किशोरियों के सर्वांगीण विकास एवं सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक बनाना था।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना (एसबीपीकेएसवाई), बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी), बाल विवाह मुक्त भारत अभियान (बीबीएमवी), बाल संरक्षण, पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act), गुड टच–बैड टच, डिजिटल साक्षरता, डायन प्रथा उन्मूलन, मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) तथा सखी वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न सेवाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बालिकाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, बाल विवाह की रोकथाम तथा महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की स्थिति में उपलब्ध कानूनी, चिकित्सीय, मनोसामाजिक एवं अन्य सहायता सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही प्रायोजन योजना, आफ्टर केयर, फोस्टर केयर, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। छात्राओं से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सजग एवं जागरूक नागरिक बनने का भी आह्वान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “एक पेड़ बेटी के नाम” अभियान के तहत विद्यालय परिसर में छात्राओं द्वारा पौधारोपण कराया गया। इसके अलावा किशोरियों के बीच सेनेटरी पैड का वितरण कर मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (डीसीपीओ) पुनम कुमारी, संरक्षण पदाधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख) चंदा कुमारी, परियोजना समन्वयक चाइल्ड हेल्पलाइन मो. इकबाल, विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य, शिक्षकगण तथा संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन का सबसे बड़ा सशक्त माध्यम है। उन्होंने बालिकाओं से आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। अधिकारियों ने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य प्रत्येक बेटी को सुरक्षित, शिक्षित, स्वस्थ और सशक्त बनाना है तथा समाज की सक्रिय सहभागिता से ही बालिका सशक्तिकरण के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है।




