अनाबद्ध निधि की योजनाओं पर उपायुक्त की सख्ती, लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश।
वित्तीय वर्ष 2024-25 की 48 में से 43 योजनाएं पूर्ण, 5 अभी लंबित; वर्ष 2025-26 की 70 में से 32 योजनाओं का काम पूरा।

साहिबगंज। जिला योजना अंतर्गत अनाबद्ध निधि से संचालित विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर उपायुक्त दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसियों को योजनाओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान अगस्त 2026 तक की प्रगति के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिला योजना अनाबद्ध निधि के तहत कुल 48 योजनाएं स्वीकृत की गई थीं। इनमें से 43 योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 5 योजनाएं अभी लंबित हैं। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 70 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 32 योजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
बैठक में उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने लंबित योजनाओं की एक-एक कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उपायुक्त ने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखने तथा जहां कार्य की गति धीमी है, वहां आवश्यक कार्रवाई करते हुए कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर सुविधा एवं विकास का लाभ उपलब्ध कराना है, इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है।
उपायुक्त ने भौतिक रूप से पूर्ण हो चुकी योजनाओं से संबंधित अधियाचना शीघ्र समर्पित करने का निर्देश भी संबंधित पदाधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि पूर्ण योजनाओं की अग्रेतर प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि संबंधित कार्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके और योजनाओं का लाभ आमजनों तक पहुंच सके।
समीक्षा बैठक में अनाबद्ध निधि के तहत लंबित योजनाओं के त्वरित निष्पादन के अलावा नई योजनाओं की स्वीकृति एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में प्राथमिकता वाले कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा योजनाओं की प्रगति का नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को नियमित स्थल निरीक्षण करने और योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया। साथ ही, कार्यों की गुणवत्ता की भी लगातार निगरानी करने को कहा, ताकि स्वीकृत योजनाओं का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।

उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने स्तर से योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और कार्यों में आ रही किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में जिला योजना पदाधिकारी अनुप कुमार, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल मुकेश कुमार बमबम, संबंधित सहायक अभियंता सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




