उपायुक्त ने विभिन्न आवासीय विद्यालयों एवं कल्याण गुरुकुल का किया निरीक्षण।
शिक्षा, खेल, आवासीय सुविधाओं एवं कौशल प्रशिक्षण को बेहतर बनाने को लेकर दिए आवश्यक निर्देश।

पाकुड़। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने बुधवार को कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न आवासीय विद्यालयों एवं कौशल प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, खेलकूद, आधारभूत सुविधाओं तथा कौशल विकास कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं संचालकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उपायुक्त ने क्रमशः अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय, हिरणपुर, कल्याण विभाग अंतर्गत एनजीओ प्रेझा फाउंडेशन द्वारा संचालित कल्याण गुरुकुल तथा लिट्टीपाड़ा प्रखंड स्थित पीवीटीजी आवासीय प्राथमिक विद्यालय, धनगढा का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में संचालित आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित आवासीय सुविधा एवं बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय में संचालित 10वीं, 7वीं एवं 6वीं कक्षाओं का निरीक्षण किया तथा बच्चों से सीधे संवाद कर पढ़ाई, खेलकूद एवं विद्यालय गतिविधियों की जानकारी ली। बच्चों ने बताया कि वे फुटबॉल, वॉलीबॉल एवं बैडमिंटन खेलते हैं। इस पर उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में वॉलीबॉल एवं बैडमिंटन कोर्ट निर्माण हेतु उपयुक्त स्थल चिन्हित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने छात्रावास, बाथरूम एवं रसोईघर का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। साथ ही पानी की टंकी को दुरुस्त करने तथा विद्यालय परिसर में किचन गार्डन विकसित करने को कहा, ताकि बच्चों को ताजी एवं पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध कराई जा सकें।

उपायुक्त ने विद्यालय परिसर के टूटे हुए बाउंड्री वॉल का आकलन कर सूची तैयार करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि परिसर में तीन बोरिंग संचालित हैं। उपायुक्त ने पुराने क्वार्टर को कंडम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।
विद्यालय में ऑडिटोरियम एवं जनरेटर की अनुपलब्धता पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली कटने के बाद पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इन्वर्टर अथवा सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा विद्यालय की प्रयोगशाला का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

उपायुक्त ने प्रेझा फाउंडेशन द्वारा संचालित कल्याण गुरुकुल का निरीक्षण कर वहां चल रहे कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न लैब का निरीक्षण किया तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं से संवाद किया।
इस दौरान छात्राओं को मोबाइल रिपेयरिंग, सोल्डरिंग एवं अन्य तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी मिली। उपायुक्त ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण युवतियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इससे वे आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

उन्होंने सिलाई मशीन प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण किया तथा प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। छात्राओं को पूरी लगन एवं मेहनत के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हुए उपायुक्त ने किचेन एवं डाइनिंग हॉल का निरीक्षण कर साफ-सफाई एवं बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लिट्टीपाड़ा प्रखंड स्थित पीवीटीजी आवासीय प्राथमिक विद्यालय, धनगढा के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने छात्र-छात्राओं की संख्या, भोजन व्यवस्था एवं पढ़ाई की स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

उपायुक्त ने बच्चों से संवाद कर पूछा कि उन्हें क्या पढ़ाया जाता है तथा शिक्षक किस प्रकार पढ़ाते हैं। बच्चों ने उत्साहपूर्वक अपनी दिनचर्या एवं पढ़ाई से जुड़ी जानकारी साझा की। इस दौरान बताया गया कि विद्यालय वर्ष 2018 से संचालित है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पांचवीं कक्षा के बाद यहां के बच्चों का किन विद्यालयों में नामांकन कराया जाता है, इसका विस्तृत डेटा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विद्यालय भवन एवं अन्य आवश्यक मरम्मत कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर गंभीरता से कार्य करना होगा।


