उपायुक्त मेघा भारद्वाज का अमड़ापाड़ा प्रखंड कार्यालय निरीक्षण, जनसेवा व विकास योजनाओं को लेकर सख्त निर्देश।
मनरेगा, आवास, जेएसएलपीएस योजनाओं की समीक्षा, महुआ उत्पादन व पत्तल निर्माण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर।

अमड़ापाड़ा पाकुड़। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने अमड़ापाड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यों, जनसेवा व्यवस्थाओं एवं लंबित मामलों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को सीधे लाभ मिल सके।
उपायुक्त ने विशेष रूप से मनरेगा, आवास योजना एवं जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) के अंतर्गत चल रही योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने लंबित मामलों को शीघ्र निष्पादित करने तथा कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सभी सरकारी कार्यालय परिसरों में लाइनर प्लांटेशन (सघन वृक्षारोपण) कराने का निर्देश देते हुए कहा कि हरित एवं स्वच्छ वातावरण न केवल कार्य संस्कृति को बेहतर बनाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने महुआ उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कम से कम 10 एकड़ भूमि चिन्हित कर महुआ की खेती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और कहा कि यह स्थानीय लोगों के लिए आय का सशक्त स्रोत बन सकता है।

इसके साथ ही उन्होंने जेएसएलपीएस के माध्यम से पत्तल (पतल) निर्माण को बढ़ावा देने और उसके प्रभावी विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिया कि स्वयं सहायता समूहों के जरिए पत्तल उत्पादन को बढ़ाकर महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आजीविका का अवसर तैयार किया जाए।
आवास योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लंबित आवासों को जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पात्र लाभुकों को समय पर आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को जनहित से जुड़ी योजनाओं में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं नियमित निगरानी बनाए रखने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।




