झारखंड

राजमहल मॉडल कॉलेज में द्विदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का भव्य समापन, विद्वानों के शोध एवं विचारों से गूंजा परिसर।

दूसरे दिन तकनीकी सत्र में गहन अकादमिक विमर्श, समापन समारोह में देश-विदेश के शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति, सिदो-कान्हु जयंती भी श्रद्धा के साथ मनाई गई।

राजमहल साहिबगंज।राजमहल मॉडल कॉलेज में शनिवार को आयोजित द्विदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का दूसरा दिन अत्यंत गरिमामय एवं प्रेरणादायक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित दूसरे तकनीकी सत्र में विभिन्न विद्वानों एवं शिक्षाविदों ने अपने शोधपरक लेखों एवं विचारों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इस दौरान समसामयिक विषयों पर गहन चर्चा हुई, जिसने उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नई दिशा प्रदान की।

तकनीकी सत्र में वक्ताओं ने अपने शोध, अनुभव एवं ज्ञान के माध्यम से न केवल नवीन जानकारियाँ साझा कीं, बल्कि अकादमिक विमर्श को भी समृद्ध किया। प्रस्तुत विषयों में आधुनिक शैक्षणिक दृष्टिकोण, अनुसंधान पद्धतियों एवं वर्तमान चुनौतियों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

तकनीकी सत्र के पश्चात सेमिनार का समापन समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद एवं विशिष्ट अतिथिगण उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. राजेश सोलोमन पॉल, सनी कुमार लिंडा, प्रो. सुब्रत सिंह, डॉ. प्रदीप चिनिया, एडवोकेट अनंत कुमार रॉय, डॉ. ऋत्विक प्रिय, डॉ. जयशंकर सिंह, ओमप्रकाश, निर्भय सिंह, सुमन मंडल, आदिल रशीद, डॉ. रणजीत कुमार जामताड़ा कॉलेज एवं डॉ. भरत प्रसाद प्राचार्य, मधुपुर कॉलेज प्रमुख रूप से शामिल रहे।सभी अतिथियों ने अपने प्रेरणादायक संबोधनों के माध्यम से आयोजन की सराहना की तथा इसे ज्ञान-विस्तार और शोध संस्कृति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

लेख प्रस्तुतीकरण सत्र में डॉ. ऋत्विक प्रिय, डॉ. शैलेश मिश्र, डॉ. नमन कुमार, डॉ. दिलीप चौधरी एवं डॉ. शत्रुघ्न सहित अन्य विद्वानों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों में नवीन शैक्षणिक दृष्टिकोण, अनुसंधान की उन्नत विधियों एवं समकालीन चुनौतियों पर सारगर्भित विचार रखे गए, जिसे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने अत्यंत रुचि के साथ सुना।पूरे कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन डॉ. रमजान अली द्वारा किया गया, जिन्होंने सभी सत्रों को सुव्यवस्थित रूप से संचालित कर कार्यक्रम को निरंतर गति प्रदान की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने अपने संबोधन में सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करते हैं और विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण से जोड़ते हैं। साथ ही उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने पर बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अमित कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता में उनके योगदान की सराहना की।

इसी अवसर पर महाविद्यालय परिसर में वीर अमर शहीद सिदो-कान्हु की जयंती भी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने वीर शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अद्वितीय बलिदान एवं संघर्ष को नमन किया तथा उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकगण, गणमान्य नागरिकों एवं कर्मचारियों की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी की सहभागिता एवं उत्साह ने इस आयोजन को अत्यंत सफल, प्रेरणादायक एवं स्मरणीय बना दिया।

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