राजमहल में उर्वरक दुकानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, नमूने जांच के लिए भेजे गए।
जमाखोरी, कालाबाजारी और अनियमितता पर कड़ी नजर; दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई।

राजमहल साहिबगंज,। उपायुक्त साहिबगंज के निर्देशानुसार जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित संयुक्त प्रवर्तन दल (जॉइंट एनफोर्समेंट टीम) ने गुरुवार को राजमहल प्रखंड स्थित तारा फर्टिलाइजर एवं विकास कृषि केन्द्र में औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में उपलब्ध उर्वरकों के स्टॉक, दर सूची, स्टॉक पंजी, बिक्री पंजी, गोदाम तथा पीओएस (POS) मशीन से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की। साथ ही गोदामों में रखे उर्वरकों का भौतिक सत्यापन भी किया गया, ताकि अभिलेखों एवं वास्तविक स्टॉक में किसी प्रकार की विसंगति का पता लगाया जा सके।
संयुक्त प्रवर्तन दल ने दुकानदारों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन उर्वरकों की अद्यतन दर सूची एवं उपलब्ध स्टॉक की जानकारी दुकान के बाहर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की बिक्री केवल वास्तविक किसानों को ही की जाए तथा सभी लेन-देन निर्धारित नियमों के अनुरूप हों।

प्रशासन ने उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी एवं गैर-कृषि कार्यों में उपयोग को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुकानदारों को केवल सरकार द्वारा अधिकृत थोक विक्रेताओं से ही उर्वरकों की खरीद करने का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के क्रम में दुकानों में उपलब्ध कीटनाशकों (पेस्टीसाइड) की भी जांच की गई। अधिकारियों ने दवाओं की वैधता अवधि (एक्सपायरी डेट) का सत्यापन किया तथा निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में नाबालिग बच्चों एवं महिलाओं को कीटनाशकों की बिक्री नहीं की जाए।

इस दौरान संयुक्त प्रवर्तन दल द्वारा विभिन्न उर्वरकों के नमूने भी संग्रहित किए गए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण अभियान में अनुमंडल पदाधिकारी राजमहल, जिला कृषि पदाधिकारी साहिबगंज, अंचल अधिकारी राजमहल, प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजमहल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा उर्वरकों की उपलब्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच अभियान जारी रहेगा।



