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झारखंड

संभावित बाढ़ से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने तैयारियों की ली व्यापक समीक्षा।

तीन दिनों में मोटर बोट एम्बुलेंस चालू करने, दियारा क्षेत्रों में दवाओं का पर्याप्त भंडारण, अस्पतालों में बेड, रक्त, ऑक्सीजन व चिकित्सकीय सेवाएं सुदृढ़ करने के दिए निर्देश।

साहिबगंज। संभावित बाढ़ की चुनौती और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति एवं स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं, संभावित बाढ़ की तैयारियों, अस्पतालों की सुविधाओं, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन तथा स्वास्थ्य संस्थानों की आधारभूत संरचना की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में उपायुक्त ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मोटर बोट एम्बुलेंस एवं जिला प्रशासन की अन्य नौकाओं की उपलब्धता और संचालन की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले तीन दिनों के भीतर सभी मोटर बोट एम्बुलेंस एवं नौकाओं की मरम्मत पूरी कर उन्हें पूरी तरह क्रियाशील बनाया जाए तथा प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए, ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों तक तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।

उपायुक्त ने विशेष रूप से दियारा क्षेत्र के सभी स्वास्थ्य संस्थानों एवं सेवा केंद्रों में आवश्यक दवाओं, जीवनरक्षक औषधियों और चिकित्सा उपकरणों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे बाढ़ के दौरान किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी उत्पन्न न हो।

बैठक के दौरान चासगामा आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक मुख्य सड़क से संपर्क मार्ग नहीं होने पर चिंता व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने पथ निर्माण विभाग को तत्काल प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, ताकि सड़क निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जा सके।

उपायुक्त ने सदर अस्पताल की सेंट्रल लैब के सुचारु संचालन के लिए लंबित रीजेंट भुगतान का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश सिविल सर्जन एवं अस्पताल उपाधीक्षक को दिया। साथ ही जिले में बढ़ते मलेरिया मामलों को गंभीरता से लेते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में मलेरिया जांच किट उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक प्रखंड में मलेरिया नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यकता के अनुसार बेड की संख्या बढ़ाने का निर्देश भी दिया।

रोगियों को बेहतर एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर बल देते हुए उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधक को प्रतिदिन प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण करने तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल अस्पताल उपाधीक्षक को सूचित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या असम्मानजनक व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि रक्तकोष (ब्लड बैंक) में प्रतिदिन उपलब्ध रक्त की जानकारी जिला जनसंपर्क कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सही सूचना मिल सके।

उपायुक्त ने सिविल सर्जन एवं अस्पताल उपाधीक्षक को निर्देशित किया कि ममता वाहन योजना के तहत यदि किसी प्रकार का भुगतान लंबित हो तो उसका तत्काल निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। वहीं अस्पताल प्रबंधक को बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में चिकित्सकों की रोस्टर के अनुसार नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को देने का निर्देश दिया।

बैठक में सदर अस्पताल स्थित ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत आयुष्मान भारत योजना के प्रावधानों के अनुरूप शीघ्र कराने के निर्देश भी दिए गए।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विशेषज्ञ चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं पैरामेडिकल कर्मी निर्धारित रोस्टर के अनुसार पूर्ण कार्यालय अवधि तक अपनी सेवाएं देंगे। यदि कोई चिकित्सक सरकारी ड्यूटी के दौरान निजी क्लीनिक में कार्य करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि डीएमएफटी (जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास) के अंतर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा पदाधिकारियों एवं पैरामेडिकल कर्मियों की आवश्यकता के अनुसार शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाए।

इसके साथ ही अस्पताल उपाधीक्षक को प्रतिदिन सुबह 9:00 से 10:00 बजे तथा दोपहर 2:00 से 3:00 बजे तक ओपीडी एवं वार्डों का नियमित निरीक्षण करने तथा सिविल सर्जन को सप्ताह में कम-से-कम एक दिन औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने तथा जिला योजना पदाधिकारी को जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी एवं एचएससी में खराब पड़ी सोलर लाइटों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, जिला शिक्षा पदाधिकारी नयन कुमार, नगर प्रशासक साहिबगंज एवं बड़हरवा, सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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