पाकुड़ में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर सघन जागरूकता अभियान, प्रतिष्ठानों को दी गई सख्त चेतावनी।
होटल, गैरेज समेत कई स्थानों का निरीक्षण, कानून उल्लंघन पर जुर्माना व जेल की चेतावनी।

पाकुड़। जिले में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर श्रम विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। श्रम अधीक्षक गिरीश चन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में सदर प्रखंड के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों—बस स्टैंड पाकुड़, भगतपाड़ा मेन रोड, हाटपाड़ा, अंबेडकर चौक, मालपहाड़ी रोड, रेलवे फाटक एवं मौलाना चौक—में अभियान संचालित किया गया।
अभियान के दौरान टीम ने होटल, गैरेज एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान सभी प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे किसी भी परिस्थिति में बाल श्रम का उपयोग न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

श्रम अधीक्षक गिरीश चन्द्र प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के कार्य में नियोजित करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक कार्यों में लगाना भी कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने आगे बताया कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित नियोजक पर ₹20,000 से ₹50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही 6 माह से 2 वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों दंड का प्रावधान भी है।

श्रम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में बाल श्रम उन्मूलन के लिए आगे भी लगातार अभियान चलाए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अनुप्रिया सोरेन, श्रम विभाग के कर्मी एवं जनलोक कल्याण समिति के सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।




