मासिक लोक अदालत में 17 मामलों का आपसी सहमति से हुआ निपटारा।
साहिबगंज एवं राजमहल न्यायालय परिसर में आयोजित लोक अदालत में पक्षकारों को मिला त्वरित, सरल और सुलभ न्याय।

साहिबगंज। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में शनिवार को साहिबगंज न्यायालय एवं राजमहल अनुमंडल न्यायालय परिसर में मासिक लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन कर पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराया गया।
लोक अदालत के दौरान कुल 17 लंबित वादों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इससे न केवल पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिला, बल्कि न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई। न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सुलभ एवं कम खर्चीला बनाने में लोक अदालत की भूमिका एक बार फिर प्रभावी रूप से सामने आई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज के सचिव विश्वनाथ भगत ने लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का एक अत्यंत प्रभावी एवं जनहितकारी मंच है, जहाँ पक्षकार आपसी सहमति, संवाद और सौहार्दपूर्ण वातावरण में अपने विवादों का स्थायी समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से लोगों का समय और धन दोनों की बचत होती है तथा लंबी न्यायिक प्रक्रिया से भी राहत मिलती है। साथ ही समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने में भी लोक अदालत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाया जा सकता है।
मासिक लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में पक्षकारों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उपस्थित सभी लोगों ने लोक अदालत की उपयोगिता की सराहना करते हुए इसे आम नागरिकों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने वाला एक प्रभावी एवं भरोसेमंद मंच बताया।



