झारखंड

वेतन-पेंशन मद में राशि निकासी पर कड़ा रुख, उपायुक्त ने अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक।

वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश, अतिक्रमण व योजनाओं की गुणवत्ता पर भी सख्ती।

पाकुड़। सचिव, वित्त विभाग, झारखंड, रांची के प्रासंगिक पत्र के आलोक में वेतन एवं पेंशन मद में विपत्रों के माध्यम से राशि निकासी को लेकर आवश्यक सावधानियां बरतने हेतु उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वेतन एवं पेंशन मद में राशि निकासी के दौरान वित्तीय नियमों एवं विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कोषागार के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को सभी अभिलेखों एवं भुगतान संबंधी डेटा का पूर्ण मिलान करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता की संभावना न रहे।

उपायुक्त ने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं सतर्कता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि वित्तीय कार्यों में जवाबदेही और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है, जिससे सरकारी प्रणाली में विश्वास बना रहे।

बैठक में उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन समय पर कार्यालय पहुंचे और कार्य संचालन में अनुशासन बनाए रखें। साथ ही, सप्ताह में दो दिन आम जनता से मिलने के लिए निर्धारित समय तय करने को कहा, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।

उपायुक्त ने अंचलाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जीएम लैंड, गोचर भूमि एवं पोखरों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होने दिया जाए। यदि किसी भी पोखर को भरने या अतिक्रमण की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त ने कहा कि किसी भी सरकारी कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। सभी विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंड क्षेत्र में चल रही सभी योजनाओं की अद्यतन जानकारी संबंधित अधिकारियों के पास होनी चाहिए।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जर्जर भवनों एवं नए भवन की आवश्यकता वाले केंद्रों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में संवेदनशीलता, जवाबदेही और सक्रियता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही, किसी भी छोटे या बड़े मामले की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने को कहा।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक आईटीडीए, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!