झारखंड

उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में राजस्व एवं भू-अर्जन विभाग की समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न।

लंबित म्यूटेशन मामलों के शीघ्र निष्पादन, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने एवं भू-अर्जन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।

पाकुड़। उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को राजस्व एवं भू-अर्जन विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में म्यूटेशन, भूमि सीमांकन, परिशोधन, ई-रेवेन्यू कोर्ट, जीएम लैंड, भू-अर्जन तथा आपदा से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लंबित म्यूटेशन आवेदनों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित करने को कहा गया।उन्होंने म्यूटेशन रिजेक्ट होने के कारणों की भी समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही सक्सेशन म्यूटेशन मामलों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी लाइन विभाग किसी भी सरकारी कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व संबंधित अंचलाधिकारी से भूमि संबंधी एनओसी अवश्य प्राप्त करे। बिना एनओसी के किसी प्रकार का कार्य प्रारंभ नहीं किया जाएगा।बैठक में मोटर ट्रेनिंग स्कूल के लिए उपयुक्त भूमि चयन करने का निर्देश भी संबंधित अंचलाधिकारियों को दिया गया।

उपायुक्त ने आपदा से संबंधित मामलों का त्वरित निष्पादन करने तथा सहायता प्रदान करने से पूर्व सभी दस्तावेजों का समुचित सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।इसके साथ ही प्रधान एवं परगनैत के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रिक्त पदों को शीघ्र भरना आवश्यक है।

गोचर भूमि पर अतिक्रमण को गंभीर विषय बताते हुए उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों को अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराना संबंधित अंचलाधिकारी की जिम्मेदारी है। साथ ही जीएम लैंड के डिमार्केशन कार्य में तेजी लाने तथा परिशोधन मामलों में सुधार कर निष्पादन की गति बढ़ाने को कहा गया।

बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश देते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है।उन्होंने विशेष रूप से एनएच-333A धरमपुर मोड़–पाकुड़ परियोजना में तेजी लाने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि जिन मौजों में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को लंबित मामलों की नियमित सुनवाई कर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।

सड़क निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रभावित रैयतों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित मौजों में लगातार शिविर आयोजित किए जाएं।उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों को आपसी समन्वय और सहयोग के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं समयबद्ध होनी चाहिए। विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए भू-अर्जन कार्यों में तेजी लाना अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सीआई एवं राजस्व कर्मी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!