उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने पशुपालन, गव्य विकास एवं भूमि संरक्षण विभाग की समीक्षा की।
योजनाओं के समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के दिए निर्देश।

साहिबगंज। समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में पशुपालन, गव्य विकास एवं भूमि संरक्षण विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, लाभुक चयन प्रक्रिया, वित्तीय एवं भौतिक उपलब्धियों सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने भूमि संरक्षण विभाग के अंतर्गत संचालित तालाब निर्माण, परकोलेशन टैंक, जलनिधि योजना, डीप बोरिंग, पम्पसेट वितरण, मिनी ट्रैक्टर योजना एवं चेकडैम निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहाड़ी एवं जलस्तर प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का चयन किया जाए, ताकि जल संरक्षण एवं सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा मिल सके।
उपायुक्त ने कहा कि जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा भू-जल स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
बैठक में तालाब निर्माण एवं गहरीकरण कार्यों की तकनीकी प्रक्रिया, प्राक्कलन, मापी एवं भुगतान प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए।
उन्होंने लाभुक समितियों के माध्यम से संचालित योजनाओं में गुणवत्ता बनाए रखने तथा कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने पर विशेष बल दिया।
परकोलेशन टैंक एवं जलनिधि योजना की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि छोटे जल संचयन ढांचों का निर्माण भू-जल स्तर सुधारने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकाधिक योजनाओं के चयन एवं प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश दिया।

बैठक में गव्य विकास विभाग अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, गाय वितरण, डीबीटी प्रक्रिया, लाभुक चयन एवं पशु बीमा संबंधी प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लाभुकों के खातों में होल्ड की गई राशि तथा पशु वितरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र एवं टीकाकरण सुनिश्चित करने के बाद ही वितरण की प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही शत-प्रतिशत पशु बीमा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
उपायुक्त ने अपूर्ण योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तकनीकी कारणों से लंबित योजनाओं की लायबिलिटी रिपोर्ट समय पर भेजी जाए तथा योजनाओं को शीघ्र पूरा कराया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी राशि का सरेंडर होना विभागीय शिथिलता को दर्शाता है। इसलिए सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करते हुए वित्तीय प्रगति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, संबंधित कनीय अभियंता, लिपिक एवं अन्य विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।



