पाकुड़ में विशेष राजस्व शिविर का निरीक्षण, 36 मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन।
चार दिवसीय शिविर की शुरुआत, 81 में से 36 मामलों का त्वरित समाधान, लाभुकों को प्रमाणपत्र वितरण।

पाकुड़। जिले में आमजनों को राजस्व संबंधी सेवाएं सुलभ एवं त्वरित रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित चार दिवसीय विशेष राजस्व शिविर का शुभारंभ हो गया है। यह शिविर 28 अप्रैल, 29 अप्रैल, 30 अप्रैल एवं 02 मई 2026 तक सभी अंचलों एवं हल्का स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं।
इन शिविरों में दाखिल-खारिज, भूमि सीमांकन, पंजी-2 सुधार, आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र निर्गत करने के साथ-साथ ऑनलाइन लगान रसीद से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है, जिससे आमजनों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें और एक ही स्थान पर सभी सेवाएं मिल सकें।
इसी क्रम में अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने अंचल कार्यालय पाकुड़ में आयोजित विशेष राजस्व शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में पहुंचे लोगों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और शिविर के उद्देश्य एवं लाभों के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि प्रशासन लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है, लेकिन आमजनों को भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की।
अंचलाधिकारी अरविन्द कुमार बेदिया ने जानकारी दी कि शिविर में कुल 81 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 36 मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन कर दिया गया है। शेष 45 लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश अपर समाहर्ता द्वारा संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता ने लाभुकों के बीच विभिन्न प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर पहुंचे।

अपर समाहर्ता ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आमजनों को सरल, सुलभ, पारदर्शी एवं जवाबदेह सेवाएं प्रदान करना है, ताकि लोगों का विश्वास शासन-प्रशासन पर और मजबूत हो सके।




