झारखंड

उपायुक्त मेघा भारद्वाज का औचक निरीक्षण जर्जर भवनों पर सख्ती, विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र और सेवाओं में सुधार के निर्देश।

पुराना सदर प्रखंड परिसर, एंडेवर अकादमी, वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन का निरीक्षण — साफ-सफाई, मरम्मत और संवेदनशील सेवा व्यवस्था पर विशेष जोर।

पाकुड़। जिले में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने मंगलवार को पुराना सदर प्रखंड परिसर, एंडेवर अकादमी कोचिंग सेंटर, वन स्टॉप सखी सेंटर एवं चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्थिति का जायजा लेते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।

पुराना सदर प्रखंड परिसर के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पाया कि कई भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं और उपयोग के योग्य नहीं रह गए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त भवनों को नियमानुसार कंडम घोषित करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए जिन भवनों की मरम्मत संभव है, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जाए परिसर में फैली झाड़ियों एवं गंदगी की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी परिसरों की स्वच्छता और सुव्यवस्थित रखरखाव प्रशासन की गरिमा से जुड़ा विषय है।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त एंडेवर अकादमी कोचिंग सेंटर पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया।विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता नियमित अभ्यास और समय प्रबंधन सफलता की कुंजी है सिलेबस का गहन अध्ययन और मॉडल टेस्ट का अभ्यास अनिवार्य है उन्होंने छात्रों को सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद उपायुक्त ने वन स्टॉप सखी सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान सभी कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर उपस्थित पाए गए बच्चों से जुड़े मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई संरक्षण एवं सहायता के लिए अपनाए जा रहे समन्वित प्रयासों की समीक्षा की गई उपायुक्त ने कार्यालय में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया और चाइल्ड हेल्पलाइन की कार्यशैली की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

निरीक्षण के समापन पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि प्रशासनिक संस्थानों का उद्देश्य केवल भवनों का संचालन नहीं, बल्कि आमजन को बेहतर सेवाएं देना विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करना महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

उपायुक्त का यह निरीक्षण न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि शिक्षा, सुरक्षा और सेवा तीनों क्षेत्रों में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

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