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झारखंड

साहिबगंज में “खेत बचाओ अभियान” के तहत कृषक गोष्ठी आयोजित।

प्राकृतिक खेती, मृदा संरक्षण और संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसानों को किया गया जागरूक।

साहिबगंज। कृषि विभाग एवं आत्मा, साहिबगंज के संयुक्त तत्वावधान में आत्मा सभागार, साहिबगंज में “खेत बचाओ अभियान” विषय पर एक दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम आत्मा समिति सहाय योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों एवं आम नागरिकों के बीच उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग, प्राकृतिक खेती, मृदा संरक्षण तथा सतत कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जनभागीदारी सुनिश्चित करना था।

जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि “खेत बचाओ अभियान” पूरे देश में 01 जून से 30 जून 2026 तक चलाया जा रहा है। इसी क्रम में साहिबगंज जिले की सभी पंचायतों में भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ खेती के प्रति प्रेरित किया जा सके।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक आत्मा प्रमोद एक्का ने कहा कि अभियान के तहत हरित खाद्य उत्पादन एवं उपयोग को बढ़ावा देने, उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण प्रयोग को प्रोत्साहित करने तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही पात्र किसानों के बीच मिनीकिट एवं बीज वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से शत-प्रतिशत आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

वरीय कृषि वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. सुप्रिया सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने किसानों से जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद एवं जैविक उर्वरकों के उपयोग को अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मिट्टी और खेतों का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि बचाना कठिन हो जाएगा। इसलिए प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

आत्मा के उप परियोजना निदेशक ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की आधुनिक एवं व्यवहारिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को नियमित रूप से मिट्टी की जांच कराने तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसाओं के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के पदाधिकारियों ने किसानों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं अनुदान आधारित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में सवाल-जवाब कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे किसानों ने खेती-किसानी, फसलों में लगने वाली बीमारियों, उन्नत बीजों की उपलब्धता तथा कृषि संबंधी अन्य समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यक्रम में जिला मूल्यांकन पदाधिकारी अरुण कुमार भोक्ता, आत्मा के उप परियोजना निदेशक मंटु कुमार, विभिन्न प्रखंडों के तकनीकी प्रबंधक (BTM), सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM), कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित रहे।

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