153 सरकारी परिसरों का कायाकल्प: पेवर्स ब्लॉक से बदली गांवों की तस्वीर, विकास को मिला नया आधार।
15वें वित्त आयोग की निधि से पंचायतों की पहल—स्वच्छता, सुविधा और आधुनिकता की दिशा में बड़ा कदम।

पाकुड़ जिले में ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों द्वारा एक सराहनीय और प्रभावी पहल की गई है। पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने तथा ग्रामीण बुनियादी ढांचे को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के लिए 15वें वित्त आयोग की अनाबद्ध निधि के तहत 153 सरकारी परिसरों में पेवर्स ब्लॉक निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस विशेष अभियान के अंतर्गत पंचायतों ने अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों तथा पंचायत सचिवालयों को प्राथमिकता दी है। इन 153 चिन्हित स्थलों पर पेवर्स ब्लॉक बिछाने का कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिससे सरकारी परिसरों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी परिसरों को कीचड़, जलजमाव और अव्यवस्था से मुक्त कर स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराना है।आंगनबाड़ी एवं विद्यालय: बच्चों के खेल मैदान और आने-जाने के रास्तों को पक्का कर सुरक्षित बनाया जा रहा है।पंचायत भवन: आम नागरिकों के लिए परिसर को सुव्यवस्थित, साफ-सुथरा और आधुनिक रूप दिया जा रहा है।पेवर्स ब्लॉक के उपयोग से परिसरों की मजबूती और आयु बढ़ने के साथ-साथ रखरखाव भी आसान हो जाएगा।
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में ‘मॉडल ग्राम’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। प्रशासनिक अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के बेहतर समन्वय से यह अभियान विकास की नई कहानी लिख रहा है।

15वें वित्त आयोग की निधि का पारदर्शी, योजनाबद्ध और जनहितकारी उपयोग अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायक बन रहा है। इस कार्य से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है और सार्वजनिक संपत्तियों के प्रति सम्मान व सहभागिता की भावना भी मजबूत हो रही है।
पाकुड़ जिले की यह पहल न केवल ग्रामीण विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाती है कि सही योजना और समन्वय से गांवों को आधुनिक और स्वच्छ बनाया जा सकता है।




