जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण।
बच्चों के पोषण, स्वच्छता एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश।

पाकुड़,। बच्चों के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, पाकुड़ बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने सदर प्रखंड अंतर्गत बलियाडांगा आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे गर्म एवं ताजा पोषाहार की गुणवत्ता की स्वयं जांच की। उन्होंने कहा कि बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका को निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने बच्चों की व्यक्तिगत साफ-सफाई पर विशेष बल देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों में स्वच्छता, अनुशासन एवं अच्छे संस्कार विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने केंद्र परिसर में विकसित ‘पोषण वाटिका’ का भी निरीक्षण किया तथा इसे और अधिक व्यवस्थित एवं उपयोगी बनाने का निर्देश दिया, ताकि ताजी एवं हरी सब्जियों का उपयोग बच्चों के भोजन में नियमित रूप से किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान केंद्र में बच्चों की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया, उन्हें पाठ पढ़ाया तथा बच्चों से कविताएं एवं पाठ सुनकर उनकी प्रतिभा और उत्साह की सराहना की।बच्चों के चेहरे पर दिख रही खुशी और आत्मविश्वास ने पूरे वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र में संधारित विभिन्न पंजियों एवं सरकारी अभिलेखों की गहन जांच की। उन्होंने सभी रिकॉर्ड को नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा सुव्यवस्थित ढंग से संधारित करने का निर्देश दिया।

बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के पोषण, शिक्षा एवं समग्र विकास से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं और इन्हें और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है।



