Welcome to Jharkhand Sahibganj News   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Sahibganj News
झारखंड

कम व्यय करने वाली पंचायतों पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी का कड़ा रुख।

15वें वित्त आयोग एवं पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना की समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश।

पाकुड़। डीआरडीए सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू ने 15वें वित्त आयोग मद एवं पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना के तहत प्राप्त राशि के व्यय और योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान कई पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन एवं राशि व्यय की स्थिति अत्यंत धीमी पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।

समीक्षा में विशेष रूप से उन पंचायतों की स्थिति पर चर्चा की गई, जहां 15वें वित्त आयोग मद के अंतर्गत उपलब्ध राशि का अपेक्षित उपयोग नहीं किया गया है। साथ ही पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना के तहत प्राप्त राशि का उपयोग भी संतोषजनक नहीं पाया गया। इस पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने संबंधित पंचायत सचिवों, कनीय अभियंताओं एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रीतिलता मुर्मू ने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा करने, राशि व्यय में तेजी लाने तथा योजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया।

उन्होंने पंचायत सचिवालयों को जनहितकारी सेवाओं के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी आवश्यक कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने सभी पंचायतों को पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने खराब पड़े चापाकलों एवं जलमीनारों की अविलंब मरम्मत सुनिश्चित करने, जलापूर्ति योजनाओं को सुचारु रूप से संचालित रखने तथा दूरस्थ एवं पेयजल संकट प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि भीषण गर्मी के दौरान पेयजल व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना पंचायतों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बैठक में जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि पंचायतों में विकास योजनाओं की प्रगति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्ध कार्य संस्कृति सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।

बैठक में प्रभारी जिला परियोजना प्रबंधक, ई-पंचायत, सभी प्रखंडों के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, पंचायत राज स्वशासन परिषद, सभी कनीय अभियंता एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिव उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!