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झारखंड

उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने रिंची अस्पताल का किया निरीक्षण।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, मातृ-शिशु सुविधाओं के विस्तार एवं एनीमिया नियंत्रण को लेकर दिए अहम निर्देश।

पाकुड़। जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड स्थित रिंची अस्पताल का बुधवार को उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने निरीक्षण किया। कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, वार्ड व्यवस्था, चिकित्सा संसाधनों तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं का उन्होंने विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन एवं स्वास्थ्यकर्मियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के क्रम में अस्पताल प्रभारी ने उपायुक्त को अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी, एक्स-रे कक्ष एवं अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उपायुक्त ने अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित करते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान अस्पताल में इलाज कराने आए एनीमिया मरीजों का विस्तृत डेटा तैयार कर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एनीमिया की वास्तविक स्थिति का आकलन कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना आवश्यक है, ताकि इस गंभीर समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।

इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल में एनीमिया ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने एंबुलेंस व्यवस्था की उपलब्धता एवं उसकी कार्यक्षमता की भी जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने महिला वार्ड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल में डिलेवरी सेवा शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर सुरक्षित एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। इससे महिलाओं को प्रसव एवं इलाज के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।

उपायुक्त ने अस्पताल में कार्यरत एएनएम, जीएनएम एवं चिकित्सकों की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि वर्तमान में अस्पताल में पांच चिकित्सक कार्यरत हैं।

उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी एवं समर्पण भाव से कार्य करें। विशेष रूप से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।

निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक आईटीडीए अरूण कुमार एक्का, प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मी उपस्थित रहे।

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