राजमहल मॉडल कॉलेज में पहली बार अंतरराष्ट्रीय सेमिनार 10–11 अप्रैल को, AI आधारित कौशल विकास पर होगा मंथन।
देश-विदेश के विशेषज्ञ होंगे शामिल, साउथ अफ्रीका के डॉ. मेंघहस्तब हैल मुख्य वक्ता, एसकेएमयू कुलपति प्रो. राम कुमार सिंह करेंगे उद्घाटन।

राजमहल साहिबगंज।राजमहल मॉडल कॉलेज, मुंडली में 10 एवं 11 अप्रैल 2026 को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस सेमिनार का विषय “विकासशील देशों में कौशल विकास के लिए एआई (AI for Skill Development in Developing Countries)” रखा गया है, जो वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं तकनीकी जरूरतों पर केंद्रित है।
इस ऐतिहासिक आयोजन में सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के कुलपति प्रो. राम कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, उपायुक्त, राजमहल विधायक एवं सांसद सहित कई गणमान्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया है।
सेमिनार में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ, साउथ अफ्रीका के प्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ. मेंघहस्तब हैल मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा करेंगे। उनके व्याख्यान से प्रतिभागियों को वैश्विक दृष्टिकोण एवं नवीन शोध की जानकारी मिलेगी।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विकासशील देशों में कौशल विकास के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका, संभावनाओं और चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श करना है।
सेमिनार के दौरान तकनीकी सत्र, मुख्य व्याख्यान और संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों एवं व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी मिलेगी।
इस सेमिनार में देशभर से फैकल्टी सदस्य, शोधकर्ता एवं छात्र-छात्राएं भाग लेंगे और अपने शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे। साथ ही एसकेएमयू दुमका के अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेजों के शिक्षक एवं विद्यार्थी भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल होंगे।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने बताया कि यह सेमिनार मॉडल कॉलेज राजमहल एवं इंटरनेशनल वोकेशनल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट धनबाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा तथा क्षेत्र की शैक्षणिक पहचान को नई दिशा प्रदान करेगा।
प्राचार्य के मार्गदर्शन में सेमिनार की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महाविद्यालय प्रशासन ने सभी इच्छुक प्रतिभागियों से इस ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।
यह अंतरराष्ट्रीय सेमिनार न केवल राजमहल बल्कि पूरे साहिबगंज जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा, जो शिक्षा, शोध और तकनीकी विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।




