सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य, बच्चों को अधिकारों और सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक।
जागृति योजना के तहत साहिबगंज में चला विशेष विधिक जागरूकता अभियान, बच्चों को बताए गए उनके अधिकार और सुरक्षा के उपाय।

साहिबगंज। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार एवं अखिल कुमार के मार्गदर्शन में साहिबगंज जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागृति प्रोजेक्ट अंतर्गत ‘सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य’ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा, कानूनी संरक्षण एवं सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक कर एक सुरक्षित, संवेदनशील और जागरूक समाज का निर्माण करना है।
अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में संचालित लीगल लिटरेसी क्लबों के माध्यम से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों को सरल, रोचक एवं व्यवहारिक तरीके से कानूनी जानकारी उपलब्ध कराई गई, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और किसी भी परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
विश्वनाथ भगत ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर संचालित जागृति प्रोजेक्ट का उद्देश्य बच्चों को कानूनी रूप से सशक्त बनाना और उनके भीतर आत्मविश्वास विकसित करना है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रह सकें।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को POCSO Act, 2012 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के यौन शोषण, उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार की स्थिति में वे बिना डरे अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।
इसके साथ ही बच्चों को ‘गुड टच और बैड टच’ की पहचान, आत्मरक्षा के तरीके, सुरक्षित व्यवहार तथा सहायता प्राप्त करने के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रम में बाल विवाह, दहेज प्रथा, डायन प्रथा, बाल श्रम, बाल तस्करी, साइबर क्राइम, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा की गई। बच्चों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभागों एवं हेल्पलाइन नंबरों पर देनी चाहिए।

इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112 तथा महिला हेल्पलाइन 181 के बारे में भी जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा बच्चों के लिए संचालित विभिन्न सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पढ़ाई के महत्व, आत्मसम्मान, अनुशासन और डिजिटल सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया।
सचिव विश्वनाथ भगत ने कहा कि बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों और शिक्षकों को भी संवेदनशील एवं जागरूक बनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि बच्चों के लिए भयमुक्त, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सके। उन्होंने बताया कि यह 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों तक न्याय, अधिकार और सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित, सशक्त और उज्ज्वल बनाया जा सके।


