झारखंड

सिद्धो-कान्हू सभागार में नवचयनित महिला पर्यवेक्षिकाओं का जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न।

उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने सौंपा डिजिटल दायित्व, ‘पोषण ट्रैकर’ के जरिए कुपोषण मुक्त साहिबगंज बनाने का दिया लक्ष्य।

साहिबगंज। जिला प्रशासन, साहिबगंज के तत्वावधान में आज सिद्धो-कान्हू सभागार में नवचयनित महिला पर्यवेक्षिकाओं (एलएस) के लिए एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने की। इस अवसर पर नवनियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं को उनके प्रशासनिक दायित्वों, विभागीय प्राथमिकताओं एवं तकनीकी कार्यप्रणाली से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि महिला पर्यवेक्षिका का पद पूरी तरह क्षेत्रीय दायित्व (फील्ड जॉब) आधारित है। उन्होंने निर्देश दिया कि आगामी तीन महीनों के भीतर सभी पर्यवेक्षिकाएं अपने-अपने कार्यक्षेत्र अंतर्गत संचालित प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें।

सेविका-सहायिका चयन प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चयन नियमावली-2022 का शत-प्रतिशत अनुपालन किया जाए, ताकि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विवादमुक्त बनी रहे।

नवनियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त द्वारा मोबाइल हैंडसेट का वितरण भी किया गया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि ‘पोषण ट्रैकर’ ऐप पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं से संबंधित सभी आंकड़ों की समयबद्ध एवं शुद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पेयजल एवं शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाओं की सही रिपोर्टिंग सीधे जिला एवं राज्य की रैंकिंग को प्रभावित करती है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उपायुक्त ने कहा कि रेड श्रेणी के अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन के माध्यम से ग्रीन श्रेणी में लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण वितरण केंद्र तक सीमित न रखते हुए उन्हें “अर्ली चाइल्डहुड लर्निंग सेंटर” के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों का प्रारंभिक शैक्षणिक एवं मानसिक विकास बेहतर ढंग से हो सके।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार दास ने कहा कि साहिबगंज जिला राज्य में अग्रणी भूमिका निभाते हुए नवनियुक्त कर्मियों को त्वरित प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले की भौगोलिक परिस्थितियों एवं विशेष रूप से पीवीटीजी (PVTG) क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए रिक्त पदों पर महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण साबित होगी।

कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने सभी नवनियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं को पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिले के वरीय पदाधिकारी, विभिन्न परियोजनाओं की महिला पर्यवेक्षिकाएं एवं समाज कल्याण शाखा के कर्मी उपस्थित रहे।

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