दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में कार्यरत असंगठित कर्मकारों का होगा निःशुल्क निबंधन।
तीन माह तक चलेगा विशेष अभियान, प्रसूति सहायता, साइकिल, औजार किट एवं मृत्यु सहायता सहित कई योजनाओं का मिलेगा लाभ।

साहिबगंज। असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा विशेष निबंधन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले कर्मकारों सहित ठेला चलाने वाले, फल एवं सब्जी विक्रेता, छोटे व्यवसायी तथा विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करने वाले असंगठित श्रमिकों का ऑनलाइन निबंधन कराया जाएगा।
श्रम विभाग के निर्देशानुसार संबंधित प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अपने सहयोगियों के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर दुकानों, प्रतिष्ठानों एवं अन्य कार्यस्थलों पर पहुंचकर पात्र कर्मकारों का निबंधन झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत करेंगे।
यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत निबंधित कर्मकारों को प्रसूति सहायता, साइकिल सहायता, औजार किट सहायता, मृत्यु के उपरांत अंत्येष्टि सहायता तथा मृत्यु सहायता जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।
निबंधन के लिए 18 वर्ष से 59 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे कर्मकार पात्र होंगे, जिनकी आय सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कुछ ही अधिक हो तथा जिन्हें कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त नहीं होता हो।
निबंधन हेतु आवेदक का पासपोर्ट आकार का फोटो, स्वयं एवं नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) का आधार संख्या तथा बैंक खाता संख्या आवश्यक होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह निबंधन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क होगी। एक बार निबंधन होने के बाद कर्मकार जब तक असंगठित क्षेत्र में कार्यरत रहेंगे, तब तक वे योजना के लाभ प्राप्त करने के पात्र बने रहेंगे।
इस संबंध में सहायक श्रमायुक्त बबन कुमार सिंह ने बताया कि यह विशेष निबंधन अभियान साहिबगंज, गोड्डा एवं पाकुड़ जिलों में संयुक्त रूप से संचालित किया जाएगा। ये तीनों जिले उनके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। अभियान की निगरानी संबंधित जिलों के श्रम अधीक्षकों द्वारा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक असंगठित कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस विशेष अभियान को आगामी तीन माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।



