झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की डिप्लोमा परीक्षा 27 अप्रैल से, कदाचार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने पर तत्काल निष्कासन, नकल रोकने के लिए कड़े प्रबंध; केंद्रों पर स्वच्छता, सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष जोर।

राजमहल साहिबगंज। झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (JUT), रांची द्वारा डिप्लोमा प्रथम सेमेस्टर (2025) परीक्षा के सफल एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह परीक्षा 27 अप्रैल 2026 से राज्यभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय की परीक्षा नियंत्रक डॉ. निर्मला सोरेन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षक एवं प्रवेक्षक शामिल हुए और परीक्षा संचालन से जुड़े आवश्यक निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया कि परीक्षा के दौरान यदि किसी भी परीक्षार्थी के पास मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पाए जाते हैं, तो उसे तत्काल प्रभाव से परीक्षा से निष्कासित कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नकल करते हुए पकड़े जाने पर भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों को निर्देशित किया है कि परीक्षार्थियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता हर हाल में बनाए रखी जाए। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि परीक्षा केंद्र पर किसी प्रकार की क्षति या अव्यवस्था होने की स्थिति में संबंधित छात्र या संस्थान से उसकी भरपाई की जाएगी।
वहीं मॉडल कॉलेज राजमहल के प्राचार्य सह केंद्राधीक्षक डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने भी स्थानीय स्तर पर परीक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने जानकारी दी कि परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र पर स्वच्छता, शुद्ध पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से सहयोग का अनुरोध करते हुए पत्र भी प्रेषित किया गया है।
प्रशासन और विश्वविद्यालय के आपसी समन्वय से इस बार परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता, अनुशासन और सख्ती के साथ संपन्न कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।



