11वें आयुर्वेद दिवस के प्रचार-प्रसार को लेकर पाकुड़ में आयुष जांच शिविर आयोजित, 217 लोगों की हुई निःशुल्क स्वास्थ्य जांच।
विभिन्न प्रखंडों में लगाए गए शिविरों में ग्रामीणों को मिला चिकित्सकीय परामर्श एवं निःशुल्क दवाइयों का लाभ।

पाकुड़। 11वें आयुर्वेद दिवस के प्रचार-प्रसार एवं आमजनों को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयुष विभाग, पाकुड़ की ओर से जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयुष जांच शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से कुल 217 लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही, आवश्यकतानुसार लाभुकों को निःशुल्क दवाइयां एवं चिकित्सकीय परामर्श भी उपलब्ध कराया गया।
आयुष विभाग की ओर से पाकुड़ प्रखंड के चन्द्रपाड़ा, लिट्टीपाड़ा प्रखंड के सवालापुर एवं हाथीबथान, अमड़ापाड़ा प्रखंड के मालीपाड़ा तथा पाकुड़िया प्रखंड के पत्थरडांगा एवं मोंगलाबांध में शिविर लगाए गए। इन शिविरों में स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
शिविरों में उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुनते हुए आवश्यक जांच की। इस दौरान रक्तचाप, मधुमेह, जोड़ एवं गठिया रोग सहित बच्चों से संबंधित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की जांच की गई। चिकित्सकों ने लाभुकों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक परामर्श दिया तथा जरूरतमंदों के बीच निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया।

इन शिविरों में चिकित्सक डॉ. अबुतालिब शेख, डॉ. सौरभ विश्वास, डॉ. प्रेम प्रकाश, अफरोज आलम, डॉ. मिथिलेश कुमार, डॉ. संतोष कुमार यादव एवं डॉ. बीरेंद्र कुमार विश्वकर्मा ने अपनी सेवाएं दीं। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति भी जागरूक किया गया।
इस संबंध में जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. विपिन चंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर आयुर्वेद एवं आयुष चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता से आमजनों को परिचित कराने के लिए स्वास्थ्य शिविर, सेमिनार, रैली एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस प्रकार के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने का प्रभावी माध्यम हैं।
शिविरों में ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने अपने क्षेत्र में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं दवा वितरण की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की। आयुष विभाग की इस पहल से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला तथा आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सहायता मिली।




