ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा देने की पहल, महिला उद्यमियों को मिलेगा प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ने का अवसर।
जेएसएलपीएस एवं आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के संयुक्त तत्वावधान में इनक्यूबेशन कार्यक्रम आयोजित, सूक्ष्म उद्यमों के विस्तार पर जोर।

पाकुड़। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) एवं आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के संयुक्त तत्वावधान में समाहरणालय स्थित सभागार में इनक्यूबेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मेघा भारद्वाज, उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल, जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार भगत, विधायक प्रतिनिधि गोकुल अहमद एवं जेएसएलपीएस के डीपीएम प्रवीण मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि जेएसएलपीएस के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने छोटे स्तर से शुरुआत कर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया है। अब आवश्यकता है कि वे केवल आजीविका तक सीमित न रहकर उद्यमी के रूप में सोचें, अपने उत्पादों की ब्रांडिंग करें, बाजार से जुड़ें तथा लाभ-हानि का आकलन करते हुए व्यवसाय का विस्तार करें।

उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों में आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ आत्मविश्वास और कौशल का विकास होना जेएसएलपीएस की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जिले में महुआ, कच्चू, मशरूम सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रशिक्षण एवं बाजार से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।उपायुक्त ने कहा कि आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के सहयोग से शुरू किया गया यह कार्यक्रम ग्रामीण उद्यमियों को आधुनिक व्यवसाय पद्धतियों, ब्रांडिंग, बाजार प्रबंधन एवं व्यवसाय संचालन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्थानीय संसाधनों और ग्रामीण परिवेश को ध्यान में रखते हुए समावेशी तरीके से उद्यमिता को बढ़ावा देना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल ने कहा कि जेएसएलपीएस ग्रामीण आजीविका एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के सहयोग से संचालित यह इनक्यूबेशन कार्यक्रम ग्रामीण उद्यमियों की पहचान, उत्पादों के प्रमाणीकरण, ब्रांडिंग, वित्तीय सहयोग एवं बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने कहा कि अब केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित न रहकर मूल्य संवर्धन, बेहतर विपणन और व्यवसाय विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे उद्यमियों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि जेएसएलपीएस के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और लखपति दीदी अभियान को भी गति मिल रही है।डीडीसी ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने उद्यम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।
आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के प्रतिनिधि आलोक कुमार ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर पर व्यवसाय कर रहे उद्यमियों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करना है।चयनित उद्यमियों को मार्केटिंग, व्यवसाय विस्तार, वित्तीय प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव के क्षेत्र में सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन को कम करने में भी मदद मिलेगी। सफल उद्यमियों को मॉडल के रूप में विकसित कर अन्य लोगों को भी उद्यमिता के लिए प्रेरित किया जाएगा।

जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार भगत ने कहा कि जेएसएलपीएस के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसायों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। छोटे व्यवसाय से ही बड़े उद्यम की शुरुआत होती है।उन्होंने स्थानीय स्तर पर आटा, चावल, सब्जी, फल एवं अन्य उत्पादों से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा देने तथा महिलाओं को बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन को कम करने में मदद मिलेगी।उन्होंने जेएसएलपीएस की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि ग्रामीण उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करने को तत्पर हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण उद्यमियों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को व्यवसाय विस्तार, उत्पाद विकास, ब्रांडिंग, बाजार से जुड़ाव एवं वित्तीय प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया। कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा छोटे व्यवसायों को संगठित रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।



