पाकुड़ में विशेष रक्तदान शिविर का भव्य आयोजन, 72 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान।
जिला प्रशासन एवं जिला स्वास्थ्य समिति की संयुक्त पहल; उपायुक्त ने दीप प्रज्वलित कर किया शिविर का शुभारंभ, रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित।

पाकुड़। जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने, जिले में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आमजनों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं जिला स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को रक्त अधिकोष (ब्लड बैंक), पाकुड़ में विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस पदाधिकारियों, जवानों, सामाजिक संगठनों के सदस्यों एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वैच्छिक रक्तदान किया। शिविर में कुल 72 लोगों ने रक्तदान कर मानवता की सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायक संदेश दिया।
शिविर को संबोधित करते हुए उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि रक्तदान महादान है। रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति की जिंदगी बचाई जा सकती है। जीवन रक्षा के लिए रक्त की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है और कई बार समय पर रक्त मिलना किसी मरीज के लिए जीवनदायी साबित होता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं योग्य व्यक्तियों को स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए तथा इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।

उपायुक्त ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक भी है। रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को बीमारी, दुर्घटना, शल्य चिकित्सा अथवा अन्य आपात स्वास्थ्य परिस्थितियों में पड़ सकती है। ऐसे समय में रक्त की सहज उपलब्धता मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए समाज के प्रत्येक सक्षम एवं योग्य व्यक्ति को रक्तदान के महत्व को समझते हुए इस दिशा में सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
उन्होंने रक्तदाताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों की जागरूकता एवं सहभागिता से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। जिले की जनसंख्या के अनुपात में रक्त अधिकोष में पर्याप्त रक्त इकाइयों का उपलब्ध रहना आवश्यक है, ताकि गंभीर बीमारी, सड़क दुर्घटना अथवा किसी अन्य आपात स्वास्थ्य परिस्थिति में जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि रक्त की उपलब्धता बनाए रखने के लिए नियमित रक्तदान शिविरों का आयोजन बेहद जरूरी है। इसके माध्यम से रक्त संग्रहण को निरंतर बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक और प्रेरित किया जा सकता है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि रक्त की आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और उसे समय पर आवश्यक सहायता मिल सके।
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा अब प्रत्येक माह जिला एवं प्रखंड स्तर पर नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य अधिकाधिक रक्त संग्रहण सुनिश्चित करना तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।
उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान शिविरों के आयोजन से रक्तदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक लोग इस मानवीय कार्य से जुड़ सकेंगे। जिला प्रशासन की इस पहल के माध्यम से रक्तदान को जनभागीदारी का अभियान बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जिले में रक्त की उपलब्धता निरंतर बनी रहे और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आवश्यक रक्त मिल सके।
विशेष रक्तदान शिविर में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों के साथ सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान रेड क्रॉस के सचिव डॉ. कुणाल कुमार सिंह, डीपीएम दीपक कुमार, प्रभारी डीपीएम ई-पंचायत आनंद प्रकाश सहित अन्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।

शिविर में सार्जेंट, मालपहाड़ी थाना प्रभारी, मुफस्सिल थाना प्रभारी, रद्दीपुर थाना प्रभारी एवं लिट्टीपाड़ा थाना प्रभारी के साथ यातायात प्रभारी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस जवानों ने भी रक्तदान किया। इसके अतिरिक्त पुलिस एसोसिएशन, पाकुड़ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंदों की सहायता के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।
वहीं, जिला शहरी स्वास्थ्य प्रबंधक विनोद कुमार वर्मा, एमपीडब्ल्यू अमोल दास, इंसानियत फाउंडेशन के सदस्यों तथा गोपनीय कार्यालय के कर्मी मो० एहतेशाम हुसैन सहित अन्य कर्मचारियों ने भी रक्तदान कर मानव सेवा की मिसाल पेश की। शिविर में विभिन्न विभागों एवं सामाजिक संगठनों के लोगों की सहभागिता ने रक्तदान के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक सहयोग की भावना को प्रदर्शित किया।
शिविर के दौरान उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने रक्तदाताओं के मानवीय एवं सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान समाज के प्रति सेवा और समर्पण का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
उन्होंने रक्तदान करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से न केवल रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरणा मिलती है। रक्तदाताओं की सक्रिय भागीदारी से यह संदेश प्रसारित होता है कि प्रत्येक स्वस्थ एवं योग्य व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार मानव सेवा में योगदान दे सकता है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा सितंबर माह में रक्तदान अभियान को गति देने के उद्देश्य से 18, 24 एवं 28 सितंबर को विशेष रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से जिले में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आमजनों को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक एवं प्रेरित किया जा रहा है।

जिला प्रशासन का उद्देश्य रक्तदान को नियमित सामाजिक गतिविधि के रूप में प्रोत्साहित करना तथा जिले में जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता को मजबूत बनाना है। नियमित शिविरों के माध्यम से रक्त संग्रहण के साथ-साथ लोगों में रक्तदान के प्रति व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने और जनभागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने जिलावासियों से अपील की है कि सभी स्वस्थ एवं योग्य व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं और इस मानवीय अभियान का हिस्सा बनें। प्रशासन ने कहा कि रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए रक्त की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से रक्तदान महादान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा दूसरों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने में योगदान देना समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण सेवा है। जिला प्रशासन ने विश्वास जताया कि आमजनों के सहयोग एवं सक्रिय भागीदारी से पाकुड़ जिले में रक्तदान अभियान को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा।



