हिन्दू धर्म रक्षा मंच के केंद्रीय कार्यालय का हुआ उद्घाटन।
पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुआ कार्यालय का संचालन, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों को गति देने पर जोर।

राजमहल साहिबगंज। राजमहल शहर के काशिम बाजार में रविवार को हिन्दू धर्म रक्षा मंच के केंद्रीय कार्यालय का विधिवत उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक विधि-विधान एवं पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद नवनिर्मित केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया गया। समारोह में मंच के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हिन्दू धर्म रक्षा मंच का उद्देश्य सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, सामाजिक मूल्यों एवं भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। संगठन सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ ही समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव एवं सेवा की भावना को मजबूत करने की दिशा में कार्य करेगा।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक एकजुटता और आपसी समन्वय को मजबूत करना आवश्यक है। संगठन की ओर से क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही जरूरतमंदों की सेवा और सहयोग से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई।

समारोह के दौरान मंच के आगामी कार्यक्रमों एवं कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय कार्यालय के माध्यम से कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। कार्यालय संगठन की गतिविधियों के संचालन, कार्यकर्ताओं से संपर्क तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि विजय घोष, केंद्रीय अध्यक्ष संत कुमार घोष, प्रमोद जैन, गौरव गुप्ता, श्रीराम साहा, निखिल यादव, मणिकांत ठाकुर, अभी यादव सहित मंच के अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह के समापन पर उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से पूरे कार्यक्रम में उत्साह एवं धार्मिक वातावरण बना रहा। पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय कार्यालय के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियों को और व्यवस्थित करते हुए क्षेत्र में सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों को गति देने की बात कही।



