राजमहल मॉडल कॉलेज के छात्र कृष्णा ने रचा इतिहास, संताल हूल, आदिवासी दिवस एवं संताली साहित्य दिवस क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर साहिबगंज जिले का बढ़ाया मान।
94 प्रतिभागियों के बीच शानदार प्रदर्शन, दुमका में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं ₹3000 की पुरस्कार राशि से हुए सम्मानित।

राजमहल, साहिबगंज।राजमहल मॉडल कॉलेज के छात्र कृष्णा ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय देते हुए संताल हूल, आदिवासी दिवस एवं संताली साहित्य दिवस पर आधारित राज्यस्तरीय लिखित वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे साहिबगंज जिले का गौरव बढ़ाया है। यह प्रतियोगिता संताल लाहान्ती बाइसी, दुमका द्वारा आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में संताल हूल के इतिहास, आदिवासी संस्कृति, संताली साहित्य एवं सामाजिक चेतना के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
प्रतियोगिता में राजमहल मॉडल कॉलेज के कुल 94 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कड़े मुकाबले के बीच कृष्णा ने 73 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं दीपक कुमार ने द्वितीय तथा रॉकी कुमार साह ने तृतीय स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम रोशन किया। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से महाविद्यालय में खुशी और उत्साह का माहौल है।

प्रतियोगिता के विजेताओं को दुमका में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कृष्णा को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह तथा ₹3000 की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। सम्मान समारोह में विजेताओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस उपलब्धि पर राजमहल मॉडल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने विजेता छात्र कृष्णा सहित सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में इतिहास, संस्कृति, साहित्य एवं राज्य के सामान्य ज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ उनकी बौद्धिक क्षमता, तार्किक सोच और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
प्राचार्य ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए संताल लाहान्ती बाइसी, दुमका के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था द्वारा किया जा रहा यह प्रयास आदिवासी इतिहास, संस्कृति और साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अत्यंत सराहनीय है।

महाविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने भी कृष्णा की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। सभी ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राजमहल मॉडल कॉलेज के छात्र विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन करते रहेंगे।




