राजमहल मॉडल कॉलेज के एनएसएस स्वयंसेवियों ने विशेष शिविर के दूसरे दिन किया व्यापक ग्राम सर्वेक्षण, 110 परिवारों तक पहुंचकर जानी ग्रामीणों की समस्याएं।
सालबनी एवं भोटोटोला में घर-घर जाकर जुटाई सामाजिक एवं विकास संबंधी जानकारी, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक।

राजमहल, साहिबगंज।राजमहल मॉडल कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस इकाई–1 एवं इकाई–2 द्वारा गोद लिए गए ग्राम सालबनी एवं भोटोटोला में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन स्वयंसेवियों ने व्यापक ग्राम सर्वेक्षण अभियान चलाया। इस दौरान स्वयंसेवियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों की समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। सर्वेक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना तथा समाज में जनजागरूकता फैलाना था।
कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए एनएसएस की दोनों इकाइयों के लगभग 100 स्वयंसेवियों को अलग-अलग टीमों में विभाजित किया गया। सभी टीमों ने गांव के विभिन्न मोहल्लों में जाकर लगभग 110 परिवारों का विस्तृत सर्वेक्षण किया। इस दौरान स्वयंसेवियों ने प्रत्येक परिवार से बातचीत कर उनकी सामाजिक, आर्थिक एवं बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी एकत्र की।

सर्वेक्षण के दौरान स्वयंसेवियों ने ग्रामीणों को स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता तथा विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया। उन्होंने लोगों को स्वच्छ जीवनशैली अपनाने, बच्चों की नियमित शिक्षा सुनिश्चित करने, पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
स्वयंसेवियों ने घर-घर जाकर यह भी जानकारी प्राप्त की कि परिवारों के पास घरेलू शौचालय, आयुष्मान भारत कार्ड, श्रमिक कार्ड, वृद्धा पेंशन योजना, अबुआ आवास योजना, मंईयां सम्मान योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध है या नहीं। इसके साथ ही गांव में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का भी विस्तृत आकलन किया गया। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को स्वयंसेवियों के समक्ष खुलकर रखा।

ग्रामीणों ने एनएसएस स्वयंसेवियों के इस जनहितकारी प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से गांव की वास्तविक समस्याएं प्रशासन एवं समाज के सामने आती हैं, जिससे उनके समाधान की दिशा में सार्थक पहल संभव हो पाती है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
विशेष शिविर का संचालन कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रमजान अली एवं डॉ. अमित कुमार के नेतृत्व में किया जा रहा है। दोनों कार्यक्रम पदाधिकारियों ने स्वयंसेवियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझना और सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करना भी है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने स्वयंसेवियों की सराहना करते हुए कहा कि ग्राम सर्वेक्षण ग्रामीण जीवन की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे सर्वेक्षणों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर विकास की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने स्वयंसेवियों से सेवा, अनुशासन, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ कार्य करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का आह्वान किया।

सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत आगामी दिनों में भी स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण तथा विभिन्न सामाजिक विषयों पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाया जा सके।



