साहिबगंज पुलिस की बड़ी पहल: iRAD eDAR प्रणाली पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित।
सड़क दुर्घटना मामलों में त्वरित कार्रवाई, सटीक डाटा प्रबंधन और शीघ्र मुआवज़ा प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण।

साहिबगंज । जिला पुलिस की ओर से आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय, साहिबगंज में iRAD eDAR प्रणाली से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी डाटा प्रबंधन सुनिश्चित करना तथा दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र मुआवज़ा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को अधिक सरल और परिणामोन्मुख बनाना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों को iRAD eDAR पोर्टल के विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष रूप से दुर्घटना से प्रभावित व्यक्तियों को eDAR पोर्टल के माध्यम से शीघ्र मुआवज़ा दिलाने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण में यह निर्देश दिया गया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का डाटा iRAD eDAR पोर्टल पर समयबद्ध एवं सटीक रूप से दर्ज किया जाए, ताकि दुर्घटना से संबंधित मामलों की मॉनिटरिंग और कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।
कार्यक्रम के दौरान एल्कोहल ब्रेथ एनालाइज़र मशीन के उपयोग एवं शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों की जांच की मानक प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।
प्रशिक्षण में Hit and Run मामलों के प्रभावी प्रबंधन से संबंधित दिशा-निर्देश भी साझा किए गए। इसके साथ ही Good Samaritan नेक नागरिक से जुड़े प्रावधानों एवं उनके संरक्षण संबंधी नियमों की जानकारी देकर आम लोगों को सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने हेतु प्रेरित करने पर बल दिया गया।
इस अवसर पर मुख्यालय DSP रवि कांत साव, iRAD eDAR मैनेजर मनोज कुमार सहित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के माध्यम से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, त्वरित केस प्रोसेसिंग एवं सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाया जाए। जिला पुलिस प्रशासन की यह पहल सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र न्याय एवं सहायता दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




