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झारखंड

उपायुक्त की सख्ती: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, टीबी अभियान को तेज करने और दवा उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में 2026-27 के रोडमैप पर जोर, सभी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश।

पाकुड़। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वास्थ्य विभाग के रोडमैप की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य योजनाओं को प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने जिले में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष बल दिया और निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को दवाओं की कमी का सामना न करना पड़े। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी स्तरों पर समन्वय के साथ कार्य किया जाए।

बैठक में “100 डेज टीबी अभियान” की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने इसे पूरी गंभीरता और प्रभावशीलता के साथ संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने व्यापक जन-जागरूकता के लिए प्रचार रथ चलाने, सभी टीबी मरीजों को शत-प्रतिशत पोषण किट उपलब्ध कराने तथा अधिक से अधिक लोगों को “निक्षय मित्र” के रूप में जोड़ने पर जोर दिया। इसके अलावा विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों को टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए भी प्रेरित करने का निर्देश दिया गया।

इसके अतिरिक्त, कालाजार, मलेरिया, कुष्ठ रोग लेप्रोसी एवं अन्य संक्रामक रोगों के नियंत्रण हेतु सक्रिय केस सर्च अभियान चलाने और प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी रूप से आईआरएस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

अंत में, उपायुक्त ने सभी डीडीओ को अपने-अपने कार्यालयों के बैंक खातों की नियमित और सघन जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जा सके।

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