12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजमहल प्लस टू जेके उच्च विद्यालय में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन।
योग से स्वस्थ तन, शांत मन और सशक्त जीवन का संदेश दिया गया।

राजमहल, साहिबगंज। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजमहल प्लस टू जेके उच्च विद्यालय में रविवार को एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय के प्रभारी प्राध्यापक अरशद आलम ने किया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योगाभ्यास किया तथा योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक सकलदीप पासवान ने शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने की एक प्रभावशाली जीवनशैली है। नियमित योगाभ्यास से मन और मस्तिष्क स्वस्थ रहते हैं, मानसिक तनाव कम होता है तथा व्यक्ति का समग्र स्वास्थ्य बेहतर बनता है।
उन्होंने कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का निवास होता है। वर्तमान समय में स्वास्थ्य ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी और सर्वोत्तम धन है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन योग एवं प्राणायाम को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।”
विद्यालय के प्रभारी प्राध्यापक अरशद आलम ने उपस्थित सभी शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने सभी से प्रतिदिन योग करने की अपील करते हुए कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण योगमय और उत्साहपूर्ण बना रहा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास कर स्वस्थ जीवन जीने का संदेश दिया।
इस अवसर पर सुवेश कुमार, मोहम्मद फईमुद्दीन, मोहम्मद कबीर अली, सुनील मरांडी, मोहम्मद वाहिद, अजय कुमार, राजीव शर्मा, जावेद अख्तर, मुकेश कुमार दास सहित विद्यालय के सभी शिक्षकगण एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


