मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से महेशपुर में पशुपालकों को नई ताकत, बकरा-बकरी वितरण से बढ़ेगा स्वरोजगार।
चपतुरा व कानिझारा गांव में 5 लाभुकों को 8 पाठी और 2 पांठा का वितरण, वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने की दी गई सलाह।

महेशपुर पाकुड़। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना 2025-26 के तहत महेशपुर प्रखंड के ग्राम चपतुरा एवं कानिझारा में पशुपालकों को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। इस योजना के अंतर्गत चयनित 5 लाभुकों के बीच प्रति लाभुक 8 पाठी एवं 2 पांठा का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में कानिझारा पंचायत के उप मुखिया की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों में भी उत्साह का माहौल देखा गया।

कार्यक्रम का संचालन प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, महेशपुर डॉ. मु. कलीमुद्दीन अंसारी द्वारा किया गया। उन्होंने लाभुकों को पशुपालन से संबंधित विस्तृत जानकारी देते हुए इसे स्वरोजगार और आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बताया।
डॉ. अंसारी ने पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि पशुओं की नियमित देखभाल, स्वच्छता एवं संतुलित आहार देने से उनकी उत्पादकता में वृद्धि होती है और पशुपालन अधिक लाभदायक बनता है।

कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को बकरा-बकरी के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कृमिनाशक दवा भी उपलब्ध कराई गई। इससे पशुओं को विभिन्न रोगों से बचाव मिलेगा और उनकी वृद्धि एवं उत्पादन क्षमता में सुधार होगा।
यह पहल न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इससे ग्रामीणों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी।



