अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पाकुड़ में सामूहिक योगाभ्यास, अधिकारियों, कर्मियों एवं विद्यार्थियों ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा— योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन की संपूर्ण पद्धति; नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।

पाकुड़। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को कृषि उत्पादन बाजार समिति, पाकुड़ परिसर में भव्य योग सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मेघा भारद्वाज, उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू, जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. विपिन चंद्र गुप्ता तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

योग प्रशिक्षक संजय कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में उपस्थित अधिकारियों, कर्मियों एवं स्कूली बच्चों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। योग सत्र के माध्यम से स्वास्थ्य, अनुशासन, आत्मसंयम तथा सकारात्मक जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और अमूल्य धरोहर है, जिसने आज पूरे विश्व को स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली संपूर्ण जीवन पद्धति है।
उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, भागदौड़ और व्यस्त जीवनशैली के कारण अनेक शारीरिक एवं मानसिक चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे दौर में योग मानसिक शांति, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ एवं सुदृढ़ बनता है, साथ ही एकाग्रता, कार्यक्षमता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का भी विकास होता है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” स्वस्थ, सक्रिय और जागरूक जीवनशैली अपनाने का प्रेरक संदेश देती है। योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए समर्पित कर व्यक्ति स्वयं को अनेक बीमारियों से सुरक्षित रख सकता है तथा शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से अधिक सशक्त बन सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति परिवार को सशक्त बनाता है और स्वस्थ परिवार एक समृद्ध एवं विकसित समाज की नींव रखता है। योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आत्मअनुशासन और राष्ट्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सभी जिलावासियों से नियमित योग करने तथा अपने परिवार और समाज को योग के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। साथ ही स्वस्थ, नशामुक्त और सकारात्मक समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु व्यापक जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, कार्यपालक दंडाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस आयोजन ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि योग को जन-आंदोलन का स्वरूप देने और स्वस्थ, जागरूक, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी मजबूती प्रदान की।




