झारखंड

राजकृत मध्य विद्यालय काज़ीगाँव में चंद्रशेखर जयंती व डॉ. राधाकृष्णन पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, वृक्षारोपण के साथ दिया प्रेरणादायक संदेश।

सादगीपूर्ण कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, अतिथियों ने महान विभूतियों के आदर्शों को अपनाने का किया आह्वान।

राजमहल साहिबगंज। राजकृत मध्य विद्यालय काज़ीगाँव में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती 17 अप्रैल 1927 एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पुण्यतिथि 17 अप्रैल 1975 के अवसर पर एक गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सादगी, अनुशासन एवं प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर चंद्रशेखर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाचार्य राकेश कुमार यादव ने की, जबकि शिक्षक आनंद कुमार महतो की सक्रिय भूमिका रही। मुख्य अतिथि के रूप में मॉडल कॉलेज राजमहल, साहिबगंज के प्राचार्य सह प्रसिद्ध भू-वैज्ञानिक डॉ. रणजीत कुमार सिंह उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रवीर सिंह एवं सुमित कुमार साह की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्य अतिथि डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि चंद्रशेखर जी सत्ता नहीं, बल्कि सिद्धांतों की राजनीति के प्रतीक थे। उनकी सादगी, स्पष्टवादिता एवं जनसेवा के प्रति समर्पण आज भी समाज और राजनीति के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जी का जीवन संघर्ष, दूरदर्शिता और वंचित वर्गों के उत्थान के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अतिथियों का स्वागत पौधे भेंट कर किया तथा स्वयं भी उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण में भाग लिया। अनीषा कुमारी, बादल कुमार, ममता कुमारी, अंशु कुमारी, प्रियंका कुमारी एवं डॉली कुमारी सहित अन्य विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस आयोजन में “स्वस्थ व पर्यावरण संरक्षण संस्थान” द्वारा पौधे उपलब्ध कराए गए, जिसके लिए विद्यालय परिवार ने संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसी क्रम में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर उनके शिक्षा, संस्कार एवं भारतीय दर्शन में अमूल्य योगदान को याद करते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने महान विभूतियों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का एक सशक्त माध्यम साबित हुआ।

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