बिरसा हरित ग्राम योजना के आम को मिला बाजार, सखी मंडल की दीदियां बन रहीं आत्मनिर्भरता की मिसाल।
उप विकास आयुक्त ने किया आम विक्रय केंद्र का उद्घाटन, नौ प्रखंडों में किसानों और महिलाओं को मिलेगा लाभ।

साहिबगंज। ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण, महिला सशक्तिकरण तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में साहिबगंज जिला प्रशासन, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), मनरेगा एवं किसान उत्पादक कंपनियों (FPOs) के संयुक्त प्रयास से एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। बुधवार को उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने विधिवत फीता काटकर आम विक्रय केंद्र का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर बताया गया कि बिरसा हरित ग्राम योजना (BHGY) के अंतर्गत लाभुक किसानों द्वारा उत्पादित आम को पलाश एवं अपना मार्ट के माध्यम से उचित मूल्य पर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जिले के नौ प्रखंडों में आम विक्रय स्टॉल स्थापित किए गए हैं, जहां स्थानीय स्तर पर उत्पादित आम्रपाली, मालदा एवं मालिका किस्म के ताजे आमों की बिक्री की जा रही है।

उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, बिचौलियों की भूमिका कम करने तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि साहिबगंज जिले के बोरियो सहित विभिन्न प्रखंडों में पलाश (JSLPS) से जुड़ी सखी मंडल की दीदियां इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। महिलाएं स्वयं सहायता समूहों, बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुकों एवं स्थानीय किसानों से आम खरीदकर उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही हैं। इससे जहां किसानों को बाजार उपलब्ध हो रहा है, वहीं महिलाओं के लिए आय का स्थायी स्रोत भी विकसित हो रहा है।

झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी एवं मनरेगा के संयुक्त प्रयास से जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत कुल 883 एकड़ क्षेत्र में आम का उत्पादन किया गया है। इस वर्ष लगभग 732 मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान है। इस उत्पाद को तीन किसान उत्पादक कंपनियों (Farmer Producer Companies) के माध्यम से बाजार से जोड़ते हुए अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आम विक्रय केंद्रों पर उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं ताजे आम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे स्थानीय उपभोक्ताओं को सीधे किसानों से जुड़े उत्पाद मिल रहे हैं। वहीं, सखी मंडल की महिलाओं को विपणन, व्यवसाय प्रबंधन एवं उद्यमिता का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास एवं आर्थिक सशक्तिकरण बढ़ रहा है।

पलाश (JSLPS) द्वारा महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बैंक लिंकेज, कौशल विकास प्रशिक्षण, बाजार संपर्क एवं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आम विक्रय केंद्र की यह पहल इन प्रयासों का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आई है।
यह पहल न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेगी। बिरसा हरित ग्राम योजना, पलाश (JSLPS), मनरेगा एवं किसान उत्पादक कंपनियों के समन्वित प्रयास से साहिबगंज जिले में ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी जा रही है।

