राजमहल प्रखंड में विकास कार्यों की समीक्षा, बीडीओ मो. यूसुफ ने दिए सख्त निर्देश।
“मिशन मोड” में योजनाओं को पूरा करने का आदेश, पंचायत कर्मियों की जवाबदेही तय।

राजमहल साहिबगंज। राजमहल प्रखंड कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी मो. यूसुफ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रखंड के सभी पंचायत सचिव, जनसेवक, पंचायत सहायक एवं VLE (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रखंड क्षेत्र में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना तथा लंबित कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।
बैठक में सबसे पहले पेंशनभोगियों के लिए बनाए जा रहे DLC (Digital Life Certificate) की प्रगति की समीक्षा की गई। जिन पंचायतों में कार्य की गति धीमी पाई गई, वहां विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा लघु सिंचाई गणना (Minor Irrigation Census) के कार्यों की भी विस्तार से जांच की गई। अधिकारियों ने आंकड़ों की शुद्धता, समयबद्धता एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया।

बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण एवं अन्य निर्वाचन संबंधी लंबित कार्यों की भी समीक्षा की गई। संबंधित कर्मियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सभी कार्यों को अविलंब पूरा करने का आदेश दिया गया।
पंचायती राज विभाग एवं आवास योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। 15वीं वित्त आयोग की योजनाओं, ‘अबुआ आवास योजना’ एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई।साथ ही स्वीकृत मकानों के भुगतान, निर्माण कार्य की प्रगति एवं पूर्णता की स्थिति की जानकारी अधिकारियों से ली गई।
बैठक को संबोधित करते हुए बीडीओ मो. यूसुफ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कर्मियों को ‘मिशन मोड’ में कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित योजनाओं को पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत सचिव, पंचायत सहायक एवं संबंधित कर्मी अपने-अपने पंचायत क्षेत्र की प्रगति रिपोर्ट के लिए सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे।

बैठक में पंचायत कर्मियों एवं सहायकों को निर्देश दिया गया कि पंचायत भवन में नियमित रूप से बैठकर आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक के दौरान VLE एवं पंचायत सहायकों को ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा एंट्री कार्य को नियमित रूप से अपडेट रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही तकनीकी बाधाओं को आपसी समन्वय से दूर करने की बात कही गई, ताकि जिला मुख्यालय को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में किसी प्रकार की विसंगति न हो।
बैठक के अंत में बीडीओ ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागीय कर्मियों को समन्वय एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।



