अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत होगी कड़ी कार्रवाई।
जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में उपायुक्त मेघा भारद्वाज और एसपी अनुदीप सिंह ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।

पाकुड़। जिला प्रशासन ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित जिला खनन टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को अवैध गतिविधियों पर पूरी सख्ती से अंकुश लगाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, माइनिंग इंस्पेक्टर, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले में चल रहे अवैध खनन विरोधी अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला खनन पदाधिकारी ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि 1 अप्रैल से 8 मई तक अवैध खनन से जुड़े मामलों में कुल 22 वाहनों को जब्त किया गया है। वहीं 7 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि पाकुड़ एक इंटर-स्टेट बॉर्डर जिला है, इसलिए वाहनों और चालानों की सघन जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों और थाना प्रभारियों को मेजर एवं माइनरल्स से संबंधित नियमों का गहन अध्ययन करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या सूचना मिलने पर तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचित किया जाए और बिना किसी विलंब के कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने जिला खनन पदाधिकारी को मापी एवं सर्वे कार्यों में तेजी लाने का निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध खनन के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने, नियमित निगरानी करने और लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उपायुक्त ने सभी चेकनाका की नियमित जांच सुनिश्चित करने, अवैध खनन के खिलाफ सतत अभियान चलाने तथा अनुमंडल प्रशासन, पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग और खनन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया।
पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अवैध खनन के मामलों में दर्ज होने वाली प्राथमिकी की संख्या में कमी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता और सक्रियता के साथ लगातार कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया।



