राजमहल में किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का मिला सशक्त संदेश।
जिला समाज कल्याण विभाग की पहल पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी।

राजमहल साहिबगंज। महिलाओं एवं किशोरियों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (डीएसडब्ल्यूओ), साहिबगंज के मार्गदर्शन में राजमहल प्रखंड के +2 उच्च विद्यालय, मंगलहाट तथा पंचायत भवन, तीनपहाड़ में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना (SBPKSY), मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (MHM), बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (BBBP), बाल विवाह मुक्त भारत (BBMV) तथा सखी वन स्टॉप सेंटर (OSC) की विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। किशोरियों को बताया गया कि इन योजनाओं का उद्देश्य उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम में किशोरियों को उनके संवैधानिक अधिकारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर बनने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि शिक्षित और जागरूक बालिका ही अपने परिवार, समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अधिकारियों ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के गंभीर दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए किशोरियों से इसके विरुद्ध सजग और जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल बालिकाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि उनके भविष्य के विकास में भी बड़ी बाधा बनता है।
कार्यक्रम में बताया गया कि महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न अथवा संकट की स्थिति में सखी वन स्टॉप सेंटर (OSC) के माध्यम से एक ही स्थान पर चिकित्सा सहायता, कानूनी परामर्श, मनोसामाजिक परामर्श, अस्थायी आश्रय सहित अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अधिकारियों ने जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए सभी को प्रेरित किया।

मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यक्रम में उपस्थित किशोरियों के बीच सेनेटरी पैड का वितरण किया गया। उन्हें सुरक्षित एवं स्वच्छ मासिक धर्म प्रबंधन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया तथा स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को दूर करते हुए वैज्ञानिक एवं स्वच्छ व्यवहार अपनाने की सलाह दी गई।
अधिकारियों ने किशोरियों से सभी सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने, शिक्षा को प्राथमिकता देने, आत्मनिर्भर बनने तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जागरूक नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पूनम कुमारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सी-3) मो. खालिद, प्रोटेक्शन ऑफिसर चंदा कुमारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण सहित समाज कल्याण विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा “शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बालिका ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र की आधारशिला है।

उन्होंने किशोरियों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज़ उठाने का आह्वान किया।



