मनरेगा कर्मियों की मांगों के समर्थन में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से मिला प्रतिनिधिमंडल।
85 दिनों से जारी हड़ताल, स्थायी समायोजन एवं ग्रेड-पे आधारित मानदेय की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन।

झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ झारखण्ड प्रदेश कमिटी के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राज्य के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ राजनीतिक नेता आलमगीर आलम से उनके पैतृक आवास इस्लामपुर में शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उन्हें बुके एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया तथा शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
मुलाकात के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने राज्यभर के मनरेगा क्षेत्रीय कर्मियों की वर्तमान स्थिति, लंबित मांगों एवं चल रहे आंदोलन के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मंत्री को अवगत कराया कि झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर राज्य के मनरेगा क्षेत्रीय कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 12 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल को 85 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि विभागीय स्तर पर कई दौर की वार्ता आयोजित की गई तथा विभिन्न मुद्दों पर सहमति भी बनी, लेकिन सहमति के अनुरूप बिंदुओं को विभाग द्वारा तैयार किए गए समझौता मसौदे में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया। संघ द्वारा आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद अब तक संशोधित मसौदा उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही आगे की वार्ता आयोजित की गई। इसके कारण आंदोलनरत कर्मियों में निराशा का माहौल व्याप्त है।
इस दौरान संघ की ओर से पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें मनरेगा कर्मियों की प्रमुख मांगों के समाधान हेतु उनके हस्तक्षेप एवं समर्थन की मांग की गई। ज्ञापन में मनरेगा क्षेत्रीय कर्मियों को राज्य मनरेगा कोषांग के कर्मियों के समान ग्रेड-पे आधारित मानदेय व्यवस्था में शामिल करने, उड़ीसा मॉडल के आधार पर पांच वर्ष अथवा उससे अधिक सेवा अवधि पूर्ण कर चुके कर्मियों के लिए वन टाइम एब्जॉर्शन नीति लागू कर स्थायी समायोजन करने तथा सेवा अवधि के दौरान दिवंगत हुए 156 मनरेगा कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

संघ के नेताओं ने कहा कि मनरेगा क्षेत्रीय कर्मी वर्षों से ग्रामीण विकास एवं रोजगार सृजन की इस महत्वपूर्ण योजना के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी सेवा सुरक्षा एवं अन्य जायज मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्व मंत्री आलमगीर आलम सरकार के समक्ष इन मांगों को मजबूती से उठाएंगे और इनके शीघ्र समाधान हेतु सकारात्मक पहल करेंगे।
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी समस्याओं एवं मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मियों की समस्याओं का समाधान संवाद एवं सकारात्मक पहल के माध्यम से होना चाहिए तथा वे इस संबंध में आवश्यक स्तर पर सहयोग का प्रयास करेंगे।

मुलाकात के दौरान संघ के प्रदेश एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।



