स्वच्छ गाँव, सुरक्षित जलवायु” अभियान के तहत पंचायतों में चला व्यापक जन-जागरूकता एवं स्वच्छता अभियान।
कचरा पृथक्करण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग।

पाकुड़।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 01 जून से 05 जून तक जिलेभर में “स्वच्छ गाँव, सुरक्षित जलवायु” थीम पर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत पंचायतों में जन-जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान एवं “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
भारत सरकार के निर्देशानुसार अभियान से संबंधित सभी गतिविधियों की दैनिक प्रविष्टि एवं अनुमोदन के लिए एमआईएस पोर्टल में विशेष मॉड्यूल उपलब्ध कराया गया है, जिसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
इसी क्रम में पाकुड़ जिले के सभी प्रखंडों की पंचायतों में मुखिया, पंचायत सचिव, जलसहिया दीदी, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान विशेष रूप से ऐसे स्थलों का चयन किया गया, जहाँ सामान्यतः अधिक मात्रा में कचरा जमा होता है। इन स्थलों पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई सुनिश्चित की गई तथा ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया।साथ ही पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु निर्मित विभिन्न अवयवों एवं संरचनाओं का अवलोकन कर उनके नियमित एवं प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में सामुदायिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को घरेलू स्तर पर कचरे के पृथक्करण के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें सूखा कचरा, गीला कचरा, माहवारी अपशिष्ट एवं अन्य विशेष प्रकार के कचरे को अलग-अलग एकत्रित एवं सुरक्षित तरीके से निस्तारित करने के लिए प्रेरित किया गया। बताया गया कि कचरा पृथक्करण की यह प्रक्रिया न केवल स्वच्छता सुनिश्चित करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अभियान के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने गांव को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
जिला प्रशासन ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए अभियान को सफल बनाने में निरंतर सहयोग देने की अपील की।



