पलाश मार्ट स्टॉल में ‘आम विक्रय केंद्र’ का शुभारंभ।
बिरसा हरित ग्राम योजना से उत्पादित आमों को मिलेगी नई पहचान, किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार और उचित मूल्य।

पाकुड़। जिले के किसानों की आय बढ़ाने तथा स्थानीय कृषि उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) समर्थित चास हाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा समाहरणालय के समीप स्थित पलाश मार्ट स्टॉल में ‘आम विक्रय केंद्र’ की शुरुआत की गई। विक्रय केंद्र का उद्घाटन उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने फीता काटकर किया।
उद्घाटन के दौरान उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत जिले में विकसित बागवानी परियोजनाओं से उत्पादित आमों को अब “पलाश” ब्रांड के तहत नई पहचान दी जा रही है। इसके विपणन के लिए फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि पलाश मार्ट के माध्यम से स्थानीय किसानों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित आमों को एक संगठित बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे एक ओर किसानों को बेहतर आमदनी मिलेगी, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को सीधे बागानों से ताजे, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वादिष्ट आम उचित दरों पर उपलब्ध हो सकेंगे।

उपायुक्त ने जिलेवासियों से स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित आम एवं अन्य कृषि उत्पादों की खरीदारी को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना किसानों की आर्थिक समृद्धि एवं ग्रामीण विकास को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने जानकारी दी कि पलाश मार्ट के अतिरिक्त महिला स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा वेज कार्ट के माध्यम से जिले के विभिन्न हाट-बाजारों में भी आमों की बिक्री की जा रही है। इससे उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे हैं और ग्रामीण महिलाओं को अतिरिक्त आजीविका के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जिले में उत्पादित आम्रपाली किस्म के आम की संभावनाओं पर विशेष बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को इसके निर्यात (एक्सपोर्ट) की दिशा में आवश्यक पहल करने तथा बाजार समिति के माध्यम से ई-मार्केटिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।
जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि आम के पूरे सीजन के दौरान यह विक्रय केंद्र नियमित रूप से संचालित रहेगा। केंद्र में क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित विभिन्न लोकप्रिय किस्मों के आम बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को लगातार ताजे एवं गुणवत्तापूर्ण फल मिलते रहेंगे।
आम विक्रय केंद्र के उद्घाटन के उपरांत उपायुक्त ने समाहरणालय परिसर स्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित पलाश दीदी कैफे का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कैफे की रसोई, उपलब्ध सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा स्वच्छता व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता की सराहना की।

उपायुक्त ने कहा कि पलाश दीदी कैफे महिलाओं के सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है। इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कैफे परिसर में किचन स्टोर निर्माण, आवश्यक पेंटिंग एवं सौंदर्यीकरण कार्य कराने सहित अन्य व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कार्यक्रम में जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, कृषि उत्पादन बाजार समिति के पणन सचिव, परियोजना पदाधिकारी (मनरेगा), चास हाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की दीदियाँ, प्रगतिशील किसान तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने की दिशा में जिला प्रशासन एवं जेएसएलपीएस के इस प्रयास की सराहना की।


