झारखंड

राजमहल मॉडल कॉलेज में संताल हूल, आदिवासी दिवस एवं संताली साहित्य दिवस पर भव्य क्विज प्रतियोगिता आयोजित।

94 विद्यार्थियों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग, इतिहास, संस्कृति और साहित्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य।

राजमहल, साहिबगंज।राजमहल मॉडल कॉलेज में रविवार को संताल लाहान्ती बाइसी के तत्वावधान में संताल हूल, आदिवासी दिवस एवं संताली साहित्य दिवस क्विज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच संताल हूल के गौरवशाली इतिहास, आदिवासी संस्कृति, संताली साहित्य तथा सामाजिक चेतना के प्रति जागरूकता का विस्तार करना था।

महाविद्यालय परिसर में आयोजित यह प्रतियोगिता प्रातः 11:00 बजे प्रारंभ हुई। परीक्षा शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें कुल 94 परीक्षार्थियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। विद्यार्थियों की सक्रिय उपस्थिति और उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष रूप से सफल एवं प्रेरणादायक बना दिया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में इतिहास, संस्कृति और साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, तार्किक सोच और सामान्य ज्ञान को समृद्ध करने के साथ-साथ उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य भी करती हैं।

प्राचार्य ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं बौद्धिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करता रहेगा।

प्रतियोगिता के सफल संचालन एवं व्यवस्थापन में महाविद्यालय के शिक्षकों डॉ. रमजान अली एवं डॉ. अमित कुमार सहित अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने मिलकर परीक्षा को सुव्यवस्थित एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने में सक्रिय योगदान दिया।

प्रतियोगिता को लेकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और उत्सुकता देखने को मिली। प्रतिभागियों ने इसे अपने इतिहास, संस्कृति और साहित्य संबंधी ज्ञान को परखने तथा नई जानकारियां प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। महाविद्यालय परिसर पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर रहा।

संताल हूल, आदिवासी दिवस एवं संताली साहित्य दिवस पर आधारित इस क्विज प्रतियोगिता ने न केवल विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन में योगदान दिया, बल्कि उन्हें अपनी समृद्ध आदिवासी सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक परंपराओं और ऐतिहासिक संघर्षों से परिचित कराने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया। कार्यक्रम को महाविद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों द्वारा अत्यंत सराहनीय पहल के रूप में देखा गया।

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