दिसंबर 2026 तक पाकुड़ के सभी गांव होंगे ओडीएफ प्लस फाइव स्टार, स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 की समीक्षा बैठक में डीडीसी अरविंद कुमार लाल ने अधिकारियों को दिया एक्शन प्लान मोड में कार्य करने का निर्देश।

पाकुड़। जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत संचालित स्वच्छता कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा जिले के सभी गांवों को ओडीएफ प्लस की फाइव स्टार श्रेणी में शामिल कराने को लेकर बुधवार को समाहरणालय स्थित उप विकास आयुक्त कार्यालय कक्ष में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त सह नोडल पदाधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पाकुड़ अरविंद कुमार लाल ने की।
बैठक में जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों की पंचायतवार एवं योजनावार प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, पाकुड़ के कार्यपालक अभियंता अनंत प्रसाद सिंह ने अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी उप विकास आयुक्त को दी। उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न सामुदायिक संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत गांवों में नाडेप, कंपोस्ट पिट, सोक पिट, सामुदायिक शौचालय सहित विभिन्न प्रकार की सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण कराया जा रहा है। इन संरचनाओं का उद्देश्य गांवों में कचरे के उचित प्रबंधन, गंदे पानी के बेहतर निस्तारण तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण करना है।

इसके अलावा प्रत्येक पंचायत में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए प्लास्टिक पृथक्करण शेड का निर्माण किया जाना है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 7 प्लास्टिक पृथक्करण शेड का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 13 पंचायतों में निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष पंचायतों में प्लास्टिक पृथक्करण शेड के निर्माण के लिए स्थल चयन की प्रक्रिया जारी है।
समीक्षा के क्रम में उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि दिसंबर 2026 तक जिले के शत-प्रतिशत गांवों को निर्धारित मानकों के अनुरूप ओडीएफ प्लस की फाइव स्टार श्रेणी में लाने के लक्ष्य को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 का अंतिम वर्ष है। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को एक्शन प्लान मोड में कार्य करते हुए समयबद्ध तरीके से योजनाओं को पूरा करने का निर्देश दिया।
डीडीसी ने कहा कि स्वच्छता का अर्थ केवल शौचालय या अन्य संरचनाओं का निर्माण कर देना नहीं है। इन परिसंपत्तियों का नियमित संचालन, रख-रखाव और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने ग्राम स्तर पर निर्मित सामुदायिक संरचनाओं तथा खरीदी गई परिसंपत्तियों के नियमित संचालन एवं रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि स्वच्छता सेवाएं लगातार प्रभावी रूप से संचालित होती रहें।

बैठक में ग्राम स्तर पर स्वच्छता सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के क्षमता वर्धन पर भी विशेष जोर दिया गया। उप विकास आयुक्त ने कहा कि पंचायत स्तर पर समितियों को उनकी जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली की जानकारी होना आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी जिला समन्वयकों एवं कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार की जाए और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण आयोजित कराया जाए। इसका उद्देश्य ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को उनकी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए सक्षम बनाना है, ताकि गांवों में स्वच्छता सेवाओं की निरंतरता बनी रहे।
बैठक के दौरान स्वच्छता कार्यों की नियमित निगरानी, सामुदायिक परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ गांवों का निर्माण सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ ग्रामीणों की भागीदारी और जागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए दिसंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्य हासिल करने की अपेक्षा जताई।
बैठक में जिला समन्वयक सुमन कुमार मिश्रा, रितेश कुमार एवं इमरान आलम, सहायक अभियंता अभिजीत किशोर एवं प्रमोद कुमार हरिजन तथा कनीय अभियंता अभिषेक कुमार, देवेंद्र किस्कू एवं सोनू सरगम सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।



