बाढ़ प्रभावित गदाई दियारा में पशुपालकों को बड़ी राहत, प्रशासन ने पशुधन के लिए वितरित किया चारा।
एसडीओ सदानंद महतो ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा, पशुपालकों से संवाद कर जानी समस्याएं; हरसंभव प्रशासनिक सहायता का दिया भरोसा।

राजमहल साहिबगंज। बाढ़ की विषम परिस्थितियों के बीच प्रभावित परिवारों के साथ-साथ उनके पशुधन की सुरक्षा और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। इसी क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी, राजमहल सदानंद महतो ने बाढ़ प्रभावित गदाई दियारा क्षेत्र का दौरा किया और वहां पशुपालकों के बीच पशुओं के लिए चारा का वितरण किया।
बाढ़ के कारण दियारा क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित होने के साथ पशुपालकों के सामने अपने मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की चुनौती भी उत्पन्न हो गई है। ऐसी स्थिति में प्रशासन की ओर से पशुधन के लिए चारा उपलब्ध कराया जाना प्रभावित पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण राहत साबित हो रहा है।

दौरे के दौरान एसडीओ सदानंद महतो ने प्रभावित पशुपालकों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। पशुपालकों ने बाढ़ की स्थिति, पशुओं के लिए चारा तथा अन्य जरूरी सुविधाओं से संबंधित अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। एसडीओ ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए हरसंभव प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित कर्मियों एवं अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन के लिए पर्याप्त चारा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने और जरूरतमंद पशुपालकों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
प्रशासन का मानना है कि बाढ़ जैसी आपदा का प्रभाव केवल मानव जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पशुधन भी इससे बुरी तरह प्रभावित होता है। ग्रामीण एवं दियारा क्षेत्रों में पशुधन अनेक परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में बाढ़ के दौरान पशुओं के लिए चारा, पानी और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करना भी राहत कार्यों का अहम हिस्सा है।
जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का आकलन करने के साथ-साथ उनके पशुधन की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन का स्पष्ट संकल्प है कि इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में कोई भी प्रभावित परिवार और उसका पशुधन सहायता से वंचित न रहे।

गदाई दियारा क्षेत्र में चारा वितरण की यह पहल इसी संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण को दर्शाती है। प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया है कि बाढ़ की स्थिति के दौरान आवश्यकतानुसार पशुपालकों को लगातार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि प्रभावित परिवार अपने पशुधन की बेहतर देखभाल कर सकें और आपदा के इस कठिन दौर में उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।
बाढ़ राहत अभियान के तहत मानव जीवन की सुरक्षा के साथ पशुधन की देखभाल को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री एवं आवश्यक सहायता समय पर पहुंचती रहे।




